भोपाल। मध्य प्रदेश में संचालित पीएम स्वनिधि के अंतर्गत शुरुआती पांच दिनों में 1,575 नवीन पथ-विक्रेताओ को योजना से जोड़ा गया है। 8,86 नवीन क्रेडिट कार्ड के आवेदन बैंको में प्रेषित कर पथ विक्रेताओं को जारी किये गए है।
जनसम्पर्क अधिकारी अवंतिका जायसवाल ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक पात्र पथ विक्रेताओं को योजना से लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 1 अगस्त से 15 अगस्त तक विशेष “स्वनिधि पखवाड़ा” आयोजित किया जा रहा है।
अभियान के दौरान सभी जिलों, नगरीय निकायों एवं संबंधित सेन्सस टाउन में व्यापक जनजागरूकता, नवीन ऋण आवेदन, UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड आवेदन, लंबित एवं रिटर्न ऋण प्रकरणों के निराकरण सहित विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पीएम स्वनिधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में देश में लगातार अग्रणी राज्य बना हुआ है। प्रदेश में अब तक 10.36 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वाले पथ विक्रेताओं को योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है।
योजना के अंतर्गत 16.35 लाख ऋण प्रकरणों में ₹2,827.21 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई है। योजना का लाभ प्राप्त करने वालों में लगभग 40 प्रतिशत महिला हितग्राही हैं, जो महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि है।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत पात्र पथ विक्रेताओं को क्रमशः ₹15,000, ₹25,000 एवं ₹50,000 तक के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके साथ ही ₹30,000 का UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी दिया जा रहा है, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकता पूरी होने के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना की अवधि 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7.17 लाख से अधिक पथ विक्रेता डिजिटल भुगतान प्रणाली से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इनके द्वारा किए जा रहे डिजिटल लेन-देन के फलस्वरूप उन्हें अब तक ₹53.85 करोड़ से अधिक कैशबैक प्राप्त हो चुका है, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
बैंकों द्वारा रिटर्न किए गए 2.07 लाख ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित जा रहे है, जिनमें बैंक एवं नगरीय निकायों के अधिकारी संयुक्त रूप से उपस्थित रहकर प्रकरणों का मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
अभियान के दौरान अधिकाधिक पात्र पथ विक्रेताओं के नवीन ऋण एवं क्रेडिट कार्ड आवेदन प्राप्त करने, डिजिटल सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने, बैंकर्स एवं पथ विक्रेताओं की बैठकें आयोजित करने, रिसोर्स पर्सन का चयन करने तथा अंतिम छोर तक सेवाएँ पहुँचाने पर विशेष बल दिया जा रहा हैं।
साथ ही सेन्सस टाउन क्षेत्रों में पथ विक्रेताओं की पहचान, पंजीयन एवं बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने की कार्यवाही भी अभियान का प्रमुख हिस्सा है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि अभियान अवधि में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार, लंबित ऋण प्रकरणों का मिशन मोड में निराकरण, पात्र पथ विक्रेताओं के क्रेडिट कार्ड आवेदन एवं वितरण, डिजिटल सशक्तिकरण, बैंकों से प्रभावी समन्वय तथा अधिकतम पथ विक्रेताओं तक योजना का लाभ पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।












