लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बदला हुआ पीडीए केवल चुनावी अवसरवाद का परिचायक है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों की जगह अब ब्राह्मण और अन्य सवर्ण समाज की बात करने लगे हैं। जनता इस बदलाव को भली-भांति समझ रही है।
अनुपम मिश्रा ने कहा कि जो लोग समय-समय पर सनातन परंपरा, उसके प्रतीकों और उससे जुड़ी आस्थाओं के प्रति अनादरपूर्ण टिप्पणियों से जुड़े रहे हों, उनके मुख से आज सामाजिक समरसता और सभी वर्गों के सम्मान की बातें जनता को स्वाभाविक नहीं लगतीं।
आज अचानक सवर्ण समाज की चिंता जताना केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है। यदि यह भावना वास्तविक होती, तो यह पहले भी उनके सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक व्यवहार में दिखाई देती। उन्होंने कहा कि रालोद सामाजिक समरसता, सम्मान और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करता है।












