रामपुर:खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि निदेशालय द्वारा विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।मौसम एवं तापमान में लगातार हो रहे बदलाव के कारण धान,मक्का,गन्ना,दलहन तथा सब्जी वर्गीय फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की संभावना है।इसे देखते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने किसानों से समय-समय पर अपनी फसलों का निरीक्षण करने तथा वैज्ञानिक सलाह के अनुसार आवश्यक प्रबंधन अपनाने की अपील की है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि धान की फसल में खरपतवार,तना बेधक,पत्ती लपेटक तथा फुदका जैसे कीटों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग की अनुशंसित दवाओं का ही प्रयोग करें।मक्का की फसल में तना बेधक एवं फॉल आर्मी वर्म से बचाव के लिए खेतों की लगातार निगरानी के साथ जैविक एवं रासायनिक उपाय अपनाए जाएं।उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल में चोटी बेधक तथा लाल सड़न रोग से बचाव के लिए समय पर जैविक एवं रासायनिक नियंत्रण करना आवश्यक है।वहीं मूंगफली,अरहर,उड़द एवं मूंग जैसी दलहनी फसलों में मृदा जनित रोगों तथा दीमक से बचाव के लिए जैविक उपचार अपनाने की सलाह दी गई है।
सब्जी वर्गीय फसलों,विशेषकर बैंगन एवं मिर्च में लगने वाले कीटों के नियंत्रण के लिए भी किसानों को समय पर उचित दवाओं का प्रयोग करने की ढसलाह दी गई है।जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आधुनिक एनपीएसएस पोर्टल एवं मोबाइल ऐप शुरू किया गया है।इस एआई आधारित प्रणाली के माध्यम से कीट एवं रोगों की निगरानी की जा रही है।किसान भी इस ऐप का उपयोग कर अपनी फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा विशेषज्ञों से बचाव संबंधी सलाह ले सकते हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने नजदीकी राजकीय कृषि रक्षा इकाई अथवा विकास खंड के तकनीकी सहायक से संपर्क करें और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही फसल सुरक्षा के उपाय अपनाएं,ताकि खरीफ फसलों का बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
मौसम में बदलाव के बीच फसलों की सुरक्षा पर कृषि विभाग अलर्ट
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