लखनऊ। वायु प्रदूषण वर्तमान समय में विश्व की सबसे बड़ी जन स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है। प्रतिवर्ष विश्वभर में लगभग 70 लाख लोगों की मृत्यु वायु प्रदूषण के कारण होती है आने वाले वर्षों में यह संख्या 80 लाख तक पहुंचने की आशंका है। ये बातें डॉ.अजय कुमार वर्मा,प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष,श्वसन रोग विभाग ने कही।
शुक्रवार को लोहिया संस्थान के रेस्पिरेटरी व बायोकेमिस्ट्री विभाग ने जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की।हवा हो रही जहरीली,अब संभलने का समय: प्रोफेसर डॉ नरसिंह वर्मागर्भस्थ शिशु भी नहीं है अछूता वायु प्रदूषण से: प्रोफेसर डॉ सूर्य कान्त डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के श्वसन रोग विभाग तथा बायोकेमिस्ट्री विभाग के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव’ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे और इसके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
संस्थान के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ.अरविन्द सिंह ने कहा कि हमारी बढ़ती लालच पृथ्वी और जैविक संसाधनों का दोहन कर रही है, जिसे हमें कम करना चाहिए। संस्थान के एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार डॉ. सुब्रत चंद्रा ने कहा कि पर्यावरण दिवस को केवल आज के लिए नहीं बल्कि प्रतिदिन मनाते हुए इसका संरक्षण करना चाहिए। कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. वंदना तिवारी, प्रोफेसर, बायोकेमिस्ट्री विभाग के सहयोग से सभी वरिष्ठ चिकित्सकों ने वृक्षारोपण किया, जिसके तहत अमलतास के पौधे संस्थान में लगाए गए। लगभग 200 उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम का समापन “एक पेड़ माँ के नाम” के संदेश के साथ हुआ।
विश्व पर्यावरण दिवस पर लोहिया संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम
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