रिपोर्ट : सुशील शर्मा
बस्ती। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकास खंड रामनगर के ग्राम इब्राहिम चक शेखपुर में प्रैक्सिस विद्यापीठ द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण विषय पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों में पर्यावरण और जल संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रैक्सिस विद्यापीठ के निदेशक सुशांत कुमार पांडे के प्रेरणादायक संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि जल और प्रकृति का संरक्षण मानव जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वहीं ग्राम प्रधान मनोज कुमार पांडे ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
इस अवसर पर प्रैक्सिस विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं ने गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया तथा जल के उपयोग, उपलब्धता और संरक्षण के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के अंतर्गत जल संरक्षण एवं वाटर बजटिंग विषय पर विशेष चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन, पानी के समुचित उपयोग तथा भविष्य में संभावित जल संकट से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
चौपाल के दौरान गांव के क्षेत्रफल, वर्षा जल की उपलब्धता, भू-जल स्तर तथा अन्य जल स्रोतों से संबंधित आंकड़ों का वैज्ञानिक आकलन किया गया। साथ ही घरेलू उपयोग, सिंचाई, पशुपालन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए जल की अनुमानित मांग का विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि गांव में प्रतिवर्ष प्राप्त होने वाले वर्षा जल की मात्रा और उसके वर्तमान उपयोग के बीच कितना अंतर है तथा जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किस प्रकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में जिले के मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रसाद भारती ने वीडियो कॉल के माध्यम से उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवन का आधार हैं और उनका संरक्षण ही सुरक्षित भविष्य की नींव है। उन्होंने जल बचत को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए इसके व्यावहारिक उपायों पर भी प्रकाश डाला।
विद्यालय के शिक्षक सूरज मिश्रा, सुधीर कुमार एवं अजीज अहमद ने भी पर्यावरण संतुलन और जल संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। ग्राम प्रधान मनोज कुमार पांडे ने कहा कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति स्वयं जागरूक नहीं होगा, तब तक जल संकट जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
कार्यक्रम में ग्राम के वरिष्ठ नागरिक बेचन प्रसाद गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद यादव, द्वारिका प्रसाद एवं अनुराग चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं विद्यार्थियों में आदर्श दुबे, देवांश, शिवांश यादव, आलोक पांडे, पवन कुमार, स्वरा पांडेय, निहारिका सिंह, सोम्या पांडेय एवं दिव्यांशी सिंह ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में श्वेता मैम, कोमल मैम एवं आँचल मैम की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने “हर बूंद बचाओ, भविष्य बचाओ” का संदेश देते हुए पौधारोपण किया। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने में अत्यंत सफल रहा।












