HomeHealth & Fitnessबहराइच:लोकतंत्र में तानाशाही और अफसरशाही नहीं चलेगी, योगी सरकार पर गरजे पूर्व...

बहराइच:लोकतंत्र में तानाशाही और अफसरशाही नहीं चलेगी, योगी सरकार पर गरजे पूर्व मंत्री मुकेश साहनी

IMG-20260808-WA0030

बहराइच(तरुणमित्र संवाददाता)। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने बहराइच में पार्टी का पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम अंतिम समय में रद्द किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। प्रशासन के इस फैसले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार देते हुए सहनी दर्जनों समर्थकों के साथ सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। ​जिलाधिकारी कार्यालय में विरोध दर्ज कराने के बाद मुकेश सहनी बहराइच स्थित ‘लेजर रिज़ॉर्ट’ टिकोरा मोड़ पहुंचे, जहां उन्होंने रात्रि प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम रणनीतिक बैठक की और सभी का हौसला बढ़ाया। ​बैठक के दौरान मुकेश सहनी ने स्पष्ट किया कि निषाद और वंचित समाज के हक व आरक्षण की लड़ाई किसी भी सूरत में कमजोर नहीं होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी लगातार गांव-गांव जाकर लोकतांत्रिक तरीके से लोगों को जागरूक करेगी और इस दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ जनआंदोलन को और तेज करेगी। प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहनी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछड़ों, दलितों और वंचित समाज की आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिलों में लगातार कार्यक्रम रोकना प्रशासनिक तानाशाही का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में जातीय मानसिकता झलक रही है, लेकिन शोषित वर्ग अपने अधिकारों के लिए किसी भी प्रशासनिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। वीआईपी प्रमुख ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन अपनी गलती स्वीकार नहीं करता और वर्ष 2027 से पहले निषाद व शोषित समाज के आरक्षण पर निर्णय नहीं लिया जाता, तो कार्यकर्ता गंगाजल हाथ में लेकर भाजपा के खिलाफ मतदान न करने का संकल्प लेंगे।वीआईपी प्रमुख ने साफ किया कि गरीब, निषाद और वंचित समाज के सम्मान की यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है और पार्टी इसे निर्णायक मोड़ तक ले जाएगी। जिला कार्यक्रम प्रभारी अनिल निषाद ने बताया कि शुक्रवार को बहराइच के हरियाली रिजॉर्ट में कार्यकर्ता मिलन समारोह एवं प्रेस वार्ता कार्यक्रम आयोजित होना था जिसकी अनुमति जिला प्रशासन से मिली थी। लेकिन कार्यक्रम से पूर्व अचानक गुरुवार रात कावड़ यात्रा व नेपाल में हिंसा का हवाला देकर जिला प्रशासन ने कार्यक्रम अनुमति रद्द कर दी गई और भारी फोर्स लगाकर कार्यक्रम स्थल को छावनी में तब्दील कर दिया गया। अपने नेता के स्वागत के लिए बृजेश साहनी, विक्रम निषाद, डॉ वीर बहादुर निषाद, विनोद साहनी, अवधेश निषाद, एडवोकेट हरिओम निषाद, अर्जुन निषाद, प्रेम मल्होत्रा सोनू , विनेश निषाद, गौरी शंकर,दिनेश,सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments