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बहराइच के मशहूर कीर्तनकार संगम लाल अकेला का निधन:जवाबी कीर्तन के क्षेत्र में शोक की लहर, अचानक बिगड़ी तबीयत; अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत


फखरपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नंदवल के निवासी और क्षेत्र के सुप्रसिद्ध कीर्तनकार संगम लाल अकेला का बीती रात निधन हो गया। परिजनों के मुताबिक, रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। संगम लाल अकेला का जन्म एक बेहद सामान्य परिवार में हुआ था। बचपन से ही कीर्तन गायन के प्रति उनका गहरा लगाव था। हालांकि, वह केवल कक्षा छह तक ही शिक्षा प्राप्त कर सके थे, लेकिन अपनी अद्भुत प्रतिभा और कड़ी लगन के दम पर उन्होंने कीर्तन जगत में एक बड़ा मुकाम हासिल किया। विशेषकर ‘जवाबी कीर्तन’ में उनकी कला का सिक्का न सिर्फ बहराइच बल्कि आसपास के कई जिलों में भी चलता था। उन्होंने अपने दौर के दिग्गज कलाकारों जैसे श्याम सुंदर सिंह, जानकी रमन, गोकुल महसी, जी.एस. अज्ञानी, अटल अकेला और शत्रोहन खुरपेची के साथ मंच साझा किया था। उनके जवाबी कीर्तन सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ती थी। आर्थिक तंगी से जूझ रहा है परिवार, पत्नी स्कूल में हैं रसोइया संगम लाल अकेला अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, दो बेटियां (शांति व मालती) और एक बेटा (शिव) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही काफी कमजोर है। घर का खर्च चलाने में मदद के लिए उनकी पत्नी एक परिषदीय विद्यालय में रसोइया के रूप में काम करती हैं। उनके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सह-कलाकारों ने कहा- कीर्तन जगत को हुई अपूरणीय क्षति उनके निधन पर उनके साथी कलाकारों ने गहरा दुख जताया है। उनके सहयोगी कलाकार पंडित लवकेश मिश्रा ने बताया कि उन्होंने संगम लाल के साथ कई जवाबी कीर्तन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था, जहां उन्हें हमेशा जनता का भरपूर प्यार और सफलता मिली। उन्होंने इसे कीर्तन जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, दूसरे सहयोगी राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि दुर्गा पूजा और मंगलमेला जैसे बड़े आयोजनों में संगम लाल अकेला की विशिष्ट प्रस्तुति शैली और उनकी प्रभावशाली भूमिका को लोग हमेशा याद रखेंगे। उनके निधन पर क्षेत्र के कलाकारों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।

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