HomeHealth & Fitnessबांधवगढ़: बाघ का हमला, तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिला की मौत, 15 दिन...

बांधवगढ़: बाघ का हमला, तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिला की मौत, 15 दिन में दूसरी मौत

उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव और इंसानों के बीच बढ़ता संघर्ष लगातार जानलेवा साबित हो रहा है।

शनिवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।

मृत महिला की पहचान ममता यादव (32) निवासी ग्राम कुदरी, पनपथा रेंज के रूप में हुई है। बताया गया कि ममता अपने पति पप्पू यादव और अन्य ग्रामीणों के साथ शनिवार सुबह जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी।

इसी दौरान पनपथा कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-447 में झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया  प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना अचानक था कि महिला को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

बाघ ने उसके गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया। महिला के साथ मौजूद ग्रामीण और पति शोर मचाते हुए उसकी ओर दौड़े, जिसके बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया।

हालांकि तब तक ममता यादव की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को जंगल में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

15 दिन में दूसरी मौत, लगातार बढ़ रहे हमले
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बीते 15 दिनों के भीतर बाघ हमले में यह दूसरी मौत है, जबकि तीन अन्य ग्रामीण घायल हो चुके हैं।

तेंदूपत्ता सीजन शुरू होने के बाद जंगलों में ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ी है, जिसके चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है।

ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा की मांग
लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में डर के साथ नाराजगी भी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता संग्रह उनके जीवनयापन का प्रमुख साधन है, लेकिन जंगल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

उन्होंने वन विभाग से वन्यजीवों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

वन विभाग ने दी तत्काल सहायता
पनपथा एसडीओ वन भूरा गायकवाड़ ने बताया कि घटना के बाद वन अमला और पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

विभाग की ओर से तत्काल 5 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई है, जबकि शेष मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान किया जाएगा। लगातार हो रही घटनाओं ने एक बार फिर जंगल से सटे गांवों में मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को गंभीर बना दिया है।

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments