- मुख्यालय से प्रवर्तन टीम के नोडल अफसर केडी सिंह ने कसे फील्ड के प्रवर्तन दलों के पेंच
लखनऊ। एक्सप्रेस वे पर लोमहर्षक सड़क दुर्घटनाओं और जन हानि से व्यथित परिवहन विभाग अब उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख एक्सप्रेस वे, पूर्वांचल, आगरा लखनऊ, यमुना और बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे पर लंबी दूरी की बिना फिटनेस, बिना परमिट, या चालक के नींद या नशे में होने पर , उनके संचालन को रोकने की व्यापक कवायद करने जा रहा है।
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने परिवहन की प्रवर्तन शाखा के नोडल अधिकारी केडी सिंह गौर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए एक प्रभावी एक्शन प्लान पर काम करें। इसके दृष्टिगत 9,10,11 जून को उन्होंने तीन दिवसीय प्रदेश व्यापी प्रवर्तन अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत पूरे प्रदेश में अनधिकृत बसों के संचालन के विरुद्ध कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान कॉन्टेक्ट कैरिज बसों को स्टेज कैरेज के रूप में इस्तेमाल किए जाने, परमिट शर्तों के उल्लंघन, बिना फिटनेस, और जर्जर दशा में संचालित हो रही बसों के विरुद्ध है।
परिवहन आयुक्त ने यह भी निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के सभी एक्सप्रेस वे के सीधे संपर्क में आने वाले जिलों में यह अभियान छह-छह घंटे की शिफ्ट में प्रवर्तन टीमों को लगाकर, चौबीस घंटे अनवरत चलेगा। कागजातों में कमी और अनफिट वाहनों पर ही नहीं, बल्कि चालक के नशे में होने, या नींद और थकान में होने पर भी, बसों को एक्सप्रेस वे में चढ़ने से रोक दिया जाएगा।
परिवहन आयुक्त ने यह भी निर्देशित किया है कि इस पूरे अभियान की सतत वीडियोग्राफी कराई जाएगी ताकि अभियान के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली पूर्णत: पारदर्शी हो, और यात्रियों को कोई असुविधा न होने पाए। उन्होंने परिवहन निगम से समन्वय करते हुए यह व्यवस्था की है कि यदि किसी अनफिट बस को निरुद्ध किया जाएगा, तो यात्रियों को सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम अपनी बसें मुहैया कराएगा।












