- परिवहन विभाग की जांच में परमिट नियमों की खुली पोल
लखनऊ। मंगलवार परिवहन विभाग द्वारा चलाये जा रहे ‘ऑपरेशन कवच’ के दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए 60 बसों का चालान किया गया, जबकि 18 बसों को सीज (निरुद्ध) कर दिया गया। अभियान 20 से 21 जुलाई तक मुख्यालय के निर्देश पर चलाया गया। पहले और दूसरे दिन आलमबाग चौराहा-नहरिया रोड, पीजीआई मार्ग, सुल्तानपुर रोड स्थित अहिमामऊ-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और पॉलीटेक्निक-कमता-अयोध्या रोड पर चार संयुक्त टीमों ने जांच अभियान चलाया।
इनमें परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। जांच के दौरान कई बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए चलती मिलीं। इनमें चार स्लीपर बसों की छत पर व्यावसायिक सामान लादकर ढुलाई की जा रही थी, जबकि इसकी अनुमति नहीं थी। इन बसों को सीज कर दिया गया।
राज्य कर विभाग ने भी इन वाहनों में लदे सामान की जांच कर अलग से कार्रवाई की। अभियान के दौरान चार स्लीपर बसें ऐसी भी मिलीं जो अपने गृह राज्य से संचालित होने के बजाय दो दूसरे राज्यों के बीच चल रही थीं। यह ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित परमिट जारी करने वाली प्राधिकरण को आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। यह अभियान उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम और आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पाण्डेय के निर्देशन में चलाया गया।
अभियान में परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। परिवहन विभाग का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे यात्री वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।












