मुजफ्फरनगर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा,के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई की गई है। भारत सरकार के वनस्पति संरक्षण संगरोध एवं संग्रह निदेशालय (फरीदाबाद) और उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की पांच प्रमुख पेस्टिसाइड निर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने अलग-अलग कंपनियों से कुल 12 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
संयुक्त टीम ने स्वास्तिक पेस्टिसाइड से तीन, आवंटिस पेस्टिसाइड से दो, इंडिया केमिकल फर्टिलाइजर से तीन, इनपेस्ट पेस्टिसाइड से एक और हेरिटेज ऑर्गेनिक्स से तीन नमूने लिए। टीम में केंद्रीय कीटनाशी निरीक्षक नदीम अहमद (फरीदाबाद), उप निदेशक कृषि रक्षा विकास कुमार (सहारनपुर मंडल) और जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया शामिल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कृषि निदेशक (कृषि रक्षा अनुभाग) लखनऊ के आदेश पर कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियमावली 1971 के तहत की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच रिपोर्ट में नमूनों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को नकली कीटनाशकों से बचाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस कार्रवाई से जिले के कीटनाशक कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।












