लखनऊ। क्राइम ब्रांच और थाना रहीमाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में जीएसटी कर चोरी के एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह द्वारा फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर करीब ₹1.30 करोड़ के फर्जी लेनदेन और कर चोरी का खुलासा हुआ है।
मामले में पुलिस ने लखीमपुर खीरी निवासी 35 वर्षीय रविंदर गिरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और ₹710 नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार, पैन, बैंक खाते और मोबाइल नंबर जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करता था।
इसके बाद फर्जी किरायानामा और बिजली बिल तैयार कर इन दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी फर्मों का रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। इन फर्जी फर्मों के जरिए बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) तैयार कर अवैध कमीशन पर बेचा जाता था।
जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर लेनदेन को वैध दिखाता था, जबकि असल में कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं होती थी। इस तरह करोड़ों रुपये के फर्जी आईटीसी के जरिए सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ग्रामीणों को मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज लेता था और उन्हीं के नाम पर सिम कार्ड जारी कराकर फर्जी फर्मों का नेटवर्क खड़ा करता था। आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
यह मामला मूल रूप से राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर सामने आया था, जिसके बाद साइबर सेल, सर्विलांस टीम और रहीमाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव (IPS) ने बताया कि मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं।












