लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत लखनऊ की आशियाना थाना पुलिस और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिलाई गई है। अदालत ने दोषी पर ₹50,000 का अर्थदंड भी लगाया है।पुलिस के अनुसार, यह मामला मु.अ.सं. 484/2014 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5एमएन/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद एडीजे/पॉक्सो-तृतीय, लखनऊ की अदालत ने 28 जुलाई 2026 को अपना फैसला सुनाया।
अदालत ने सरवन, निवासी सेक्टर-जी, थाना आशियाना, लखनऊ को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹50,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि यह सफलता पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली है। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, पुलिस उपायुक्त (मध्य) विक्रांत वीर, अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र दुबे तथा सहायक पुलिस आयुक्त सुजीत कुमार दुबे के निर्देशन में मामले की प्रभावी पैरवी की गई।इस प्रकरण में थाना आशियाना के प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र कुमार राय और पैरोकार कांस्टेबल दीपेश कुमार ने न्यायालय में सशक्त पैरवी कर दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।












