महाराजगंज 26 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने हेतु इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ दृढ़ता से लड़ाई लड़ेगी। उक्त बाते भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने जिला पंचायत के स्वर्गीय प्रदीप चौधरी स्मारक सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में संविधान (131वांसंशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही सदन में नहीं गिरा, बल्कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी , टीएमसी और डीएमके देश की आधी आबादी की नजरों में हमेशा के लिए गिर गए। भारतीय जनता पार्टी 16 और 17 अप्रैल को संसद में पूरे देश ने जो शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण विपक्षी गठबंधन का देखा, उसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि इन दलों ने केवल संवैधानिक संशोधन या परिसीमन से जुड़े विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि भारत की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है।महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की इस साजिश में समाजवादी पार्टी ने भी धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर खतरनाक कदम उठाया है, जबकि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता। टीएमसी की भी पोल खुल गई है जो पार्टी अपने राज्य में महिलाओं की आवाज को हिसा के जरिए दबाती है, वही संसद में लोकतंत्र की बात कर रही थी। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष यह नजरअंदाज कर रहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन सीधे परिसीमन से जुड़ा है। इन विधेयकों का विरोध करना वास्तव में महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास है। विपक्ष को लगता है कि वह तकनीकी बहानों से जनता को भ्रमित कर सकता है, लेकिन आज की महिलाएं सब समझती हैं। यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं था, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति विपक्ष की हताशा का प्रदर्शन था। कांग्रेस और उसके सहयोगियों को डर है कि यदि महिलाओं को उनके ऐतिहासिक अधिकार मिल गए तो उनकी बची-खुची राजनीतिक जमीन भी खिसक जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्ति करण, संतुलित प्रतिनिधित्व और
लोकतंत्र को मजबूत करनेके लिए अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराती है। यह विभाजन या भ्रम पैदा करने का समय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एकजुट होने का समय है। प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से लड़ेगी, ताकि देश की आधी आबादी को उसका हक मिल सके। आने वाले समय में भारत की महिलाएं अपने वोट की ताकत से इन अहंकारी और महिला-विरोधी दलों को राजनीति के हाशिये पर पहुंचा देंगी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय, जिला प्रभारी राम जियावन मौर्य, महिला आयोग की सदस्य रीतू शाही, जिला उपाध्यक्ष डॉ फरीदा ईरम,वंदना तिवारी सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया जिला महामंत्री बबलू यादव मौजूद रहे।












