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बिना अनुमति बैटरी स्क्रैप परिवहन पर कार्रवाई, पर्यावरण विभाग ने पुलिस को सौंपा ट्रक

कोरबा। कोरबा जिले में बैटरी स्क्रैप के कथित अवैध परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने बीती देर रात एक मालवाहक ट्रक को पकड़ा है।

ट्रक में बड़ी मात्रा में बैटरी स्क्रैप लोड मिला, जिसके परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। कार्रवाई के बाद वाहन को आज रव‍िवार को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, डीडीएम स्कूल मार्ग स्थित हरिमंगलम के पास क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी प्रसन्ना के निर्देश पर टीम ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान राजस्थान पंजीयन क्रमांक आरजे 06 जीडी 8524 की एक ट्रक में बड़ी मात्रा में बैटरी स्क्रैप लोड पाया गया।

जांच के दौरान वाहन चालक से बैटरी स्क्रैप के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे गए, लेकिन वह छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से जारी कोई अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका।

बताया जा रहा है कि चालक के पास राजस्थान पर्यावरण विभाग से संबंधित कुछ दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन छत्तीसगढ़ में बैटरी स्क्रैप के परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति उपलब्ध नहीं थी। पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खतरनाक अपशिष्ट की श्रेणी में आने वाले बैटरी स्क्रैप के परिवहन के लिए संबंधित राज्यों की वैधानिक अनुमति आवश्यक होती है।

क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति बैटरी स्क्रैप का परिवहन नियमों के विरुद्ध है। सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन की जांच की और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई।

विशेषज्ञों के अनुसार बैटरियों में मौजूद लेड (सीसा) और एसिड पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। इसी कारण इनके संग्रहण, परिवहन और रिसाइक्लिंग के लिए पर्यावरणीय नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है। नियमों के तहत ऐसे स्क्रैप का परिवहन बंद वाहनों में और निर्धारित अनुमति के साथ ही किया जा सकता है।

मामले की सूचना मिलने पर सीएसईबी पुलिस चौकी की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। बताया गया कि वाहन को डीडीएम रोड स्थित हरिमंगलम क्षेत्र में सुरक्षित खड़ा कराया गया है।

हालांकि, इस संबंध में पर्यावरण विभाग और पुलिस की ओर से अंतिम वैधानिक कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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