बहराइच जिले के मिहींपुरवा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस को एक ट्रेन की बोगी में एक नेत्रहीन नवजात शिशु लावारिस मिला। पुलिस ने तत्काल इसकी सूचना बाल कल्याण समिति (CWC) को दी। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नवजात को एंबुलेंस के माध्यम से बहराइच मेडिकल कॉलेज के महिला विभाग स्थित शिशु चिकित्सा केयर वार्ड, एनएसयू रूम नंबर 301 में भर्ती कराया गया। वार्ड प्रभारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. असद खान ने नवजात की जांच की। उन्होंने बताया कि बच्चे की आंखें जन्म से ही विकसित नहीं हुई हैं, जिसके कारण इलाज से भी उसे रोशनी मिल पाना संभव नहीं है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के निर्देश पर बच्चे के रक्त सहित अन्य नमूने पैथोलॉजी जांच के लिए भेजे गए हैं। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में कहा, “शासन की नीति है कि देश की धरती पर जन्मे किसी भी बच्चे को उसके अधिकारों से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।” उन्होंने आगे बताया कि बच्चे के पूर्ण स्वस्थ पाए जाने के बाद उसके उचित संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस और बाल कल्याण समिति को आशंका है कि नवजात को उसके परिजनों ने ही छोड़ दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
ट्रेन में मिला नेत्रहीन नवजात शिशु:बाल कल्याण समिति ने अस्पताल में भर्ती कराया, जांच शुरू
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