श्रावस्ती में भीषण गर्मी और जल दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर एक व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य हीटवेव और डूबने की घटनाओं से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करना है। आपदा मित्र विद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर पंपलेट वितरित कर आमजन व छात्रों को आवश्यक सावधानियों की जानकारी दे रहे हैं। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को अपने कार्यालयों में हीटवेव से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नगर पालिका और नगर पंचायतों को सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ संचालित करने तथा जीव-जंतुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है। सिंचाई विभाग और जिला पंचायत राज विभाग को तालाबों में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, समाजसेवी संस्थाओं, पेट्रोल पंप संचालकों और प्रतिष्ठित नागरिकों से शीतल पेयजल की व्यवस्था करने की अपील की गई है। प्रशासन ने आमजन से सीधी धूप में निकलने से बचने, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने और अपने साथ पानी रखने की अपील की है। लोगों को प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी पीने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। बच्चों और पालतू जानवरों को धूप या बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने की हिदायत भी दी गई है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से सलाह दी है कि थोड़ी-थोड़ी देर पर तरल पदार्थों का सेवन करें और एक साथ अधिक मात्रा में भोजन न करें। किसानों के लिए जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वे सुबह 5 बजे से 11 बजे तक खेतों में कार्य करें और दोपहर की तेज धूप में काम करने से बचें। प्रशासन का मानना है कि थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता से हीटवेव और डूबने जैसी आपदाओं से आसानी से बचा जा सकता है।
श्रावस्ती में हीटवेव, डूबने से बचाव का अभियान शुरू:प्रशासन ने किसानों को 11 बजे तक काम करने की सलाह दी, लिक्विड डाइट पर जोर
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