श्रावस्ती जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। मिशन शक्ति फेज-05 (द्वितीय चरण) के तहत बाल विवाह रोकथाम पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह अभियान पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी और अपर पुलिस अधीक्षक श्रावस्ती के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। वासंतिक नवरात्रि और अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) जैसे अवसरों को देखते हुए यह पहल और भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि इन दिनों बाल विवाह की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। बैठक में एएचटीयू (AHTU) थाना श्रावस्ती के प्रभारी निरीक्षक श्री लाल साहब सिंह, उपनिरीक्षक रणविजय सिंह सहित पुलिस टीम मौजूद रही। इसके अतिरिक्त, थाना मल्हीपुर और थाना हरदत्तनगर गिरंट की पुलिस, बाल कल्याण अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्हें जानकारी दी गई कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनी रूप से भी एक अपराध है, जो बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1098, 1090, 112 और 181 पर सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। श्रावस्ती पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्रावस्ती में बाल विवाह रोकने को अभियान तेज:पुलिस-प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
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