सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील के बयारा क्षेत्र में सरयू नहर का पानी न पहुंचने से किसानों के सामने सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी और मानसून की सुस्ती के बीच खेतों में नमी घट रही है, धान की नर्सरी सूखने लगी है और पशु-पक्षियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि किसान निजी संसाधनों के सहारे खेती बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कई गांवों तक नहीं पहुंच रहा नहर का पानी बिथरिया गांव से निकलने वाली सरयू नहर का पानी चौरा बनगवा, कंचनपुर, तकियावा, गौहनिया, लटिया, वासा चक, फत्तेपुर, गरदहिया, राधन और युसूफजोत सहित कई गांवों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे पूरे इलाके में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। धान की नर्सरी सूखने लगी नहर में पानी न होने का सबसे ज्यादा असर धान की खेती पर दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि समय पर पानी नहीं मिलने से तैयार की गई नर्सरी सूख रही है और रोपाई का समय प्रभावित होने लगा है। निजी ट्यूबवेल बना सहारा, बढ़ा खर्च किसान विनोद शर्मा, मुनव्वर हुसैन, अमजद मुख्तार, अख्तर अली, राधेश्याम, मनोज गुप्ता, पप्पू मिश्रा, अख्तर अज़ीज़ और राजाराम ने बताया कि मजबूरी में निजी ट्यूबवेल से लंबी पाइपलाइन डालकर सिंचाई करनी पड़ रही है। लेकिन डीजल की बढ़ती लागत किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। पशु-पक्षी भी झेल रहे संकट नहर में पानी की कमी का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। भीषण गर्मी के बीच पशु-पक्षियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। मानसून में देरी ने बढ़ाई परेशानी क्षेत्र में मानसून की सक्रियता धीमी रहने से किसानों की उम्मीदें भी कमजोर पड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है। किसान बोले- जल्द समाधान नहीं हुआ तो घटेगी पैदावार ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई संकट लंबे समय तक बना रहा तो धान उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने सिंचाई विभाग से नहर में तत्काल पानी छोड़े जाने और क्षेत्रीय किसानों को राहत देने की मांग की है।
सिद्धार्थनगर में नहर सूखी, खेत प्यासे:पानी न पहुंचने से धान की नर्सरी में संकट, महंगी सिंचाई ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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