नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय की ताजा अधिसूचना के अनुसार, उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल के विभिन्न संस्करणों पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह निर्णय पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम करने के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देगा।
अधिसूचना के अनुसार, अब ई22, ई25, ई27 और ई30 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क शून्य रहेगा। सरकार का उद्देश्य अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता कम होगी और उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत सस्ता तथा पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मिल सकेगा। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हाल के महीनों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ पड़ा था। ऐसे में उत्पाद शुल्क समाप्त करने का निर्णय महंगाई के दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस नीति से केवल उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस, मक्का और अतिरिक्त अथवा खराब हो चुके अनाज से किया जाता है। इसकी मांग बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी, वहीं कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटने से विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। साथ ही, अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, इस नीति का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब ऑटोमोबाइल कंपनियां तेजी से फ्लेक्स-फ्यूल और उच्च इथेनॉल मिश्रण के अनुकूल वाहन बाजार में उतारें। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार, उद्योग और वाहन निमार्ताओं के समन्वित प्रयासों से यह फैसला देश के ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक बदलाव का आधार बन सकता है।
कच्चे तेल के बढ़ते दामों के बीच केंद्र ने दी राहत, उच्च इथेनॉल पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क हटाया
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












