Homeजिला / लोकल (Local News)मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले की सुनवाई सात अगस्त तक...

मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले की सुनवाई सात अगस्त तक टली


चेंगलपट्टू। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक मामले की सुनवाई अब 7 अगस्त को होगी। चेंगलपट्टू परिवार कल्याण न्यायालय की न्यायाधीश सुजाता ने सोमवार को यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री विजय और संगीता व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए, हालांकि दोनों पक्षों के अधिवक्ता न्यायालय में मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने पक्ष रखे।
दरअसल, इस मामले की सुनवाई पहले न्यायाधीश ससिकला कर रही थीं। हाल ही में न्यायाधीश सुजाता ने इस अदालत का कार्यभार संभाला है। मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि उन्होंने हाल ही में पदभार ग्रहण किया है, इसलिए उन्हें पूरे मामले की शुरुआत से समीक्षा करनी होगी। इसी कारण उन्होंने दोनों पक्षों के वकीलों को आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।
अदालत ने मुख्यमंत्री विजय के अधिवक्ता को निर्देश दिया कि पूर्व में दाखिल वकालतनामा को आधिकारिक रूप से ई-मेल के माध्यम से न्यायालय को भेजा जाए तथा उसकी एक हार्ड कॉपी भी अदालत में प्रस्तुत की जाए। वहीं संगीता पक्ष को मामले से संबंधित एक अतिरिक्त याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायाधीश ने कहा कि आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों पक्षों को सुलह और मध्यस्थता की संभावना तलाशने के लिए मध्यस्थता केंद्र भेजने पर विचार किया जाएगा। अदालत का मानना है कि वैवाहिक विवादों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ आपसी समझौते की संभावना भी जांची जानी चाहिए।
सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। पिछली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होने की मौखिक अनुमति दी गई थी, लेकिन नई न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि पहले सभी आवश्यक दस्तावेज विधिवत दाखिल किए जाएं। इसके बाद यदि कोई पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होना चाहता है, तो उसे इसके लिए औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
जब अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 7 अगस्त निर्धारित की, तब मुख्यमंत्री विजय के वकील ने अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई इतनी लंबी अवधि के बाद न रखी जाए और कोई निकट की तारीख निर्धारित की जाए। हालांकि न्यायाधीश सुजाता ने न्यायालय की प्रक्रियाओं और लंबित मामलों का हवाला देते हुए इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और 7 अगस्त की निर्धारित तारीख को बरकरार रखा।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पहले से की जाएं, ताकि सुनवाई सुचारु रूप से संचालित हो सके।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments