हरैया सतघरवा विकास खंड के करमैती गांव में पहाड़ी नाला गौरिया की सिल्ट निकासी का कार्य बाढ़ खंड द्वारा कराया जा रहा है। हालांकि, यह कार्य अधूरा होने के कारण आगामी बरसात में ग्रामीणों को बाढ़ के खतरे की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ननकाऊ, काशीराम, मोहम्मद सफी, नान बाबू, जलील, मुंशी शुक्ला, देवेंद्र गुप्ता, बाबादीन, नासिर खान और गुलाम हुसैन ने बताया कि नाले के लगभग पांच सौ मीटर क्षेत्र में अभी भी सिल्ट जमी हुई है। इससे पानी के निकास में बाधा उत्पन्न होगी और समय पर सफाई पूरी न होने पर वर्षा के दौरान नाला उफान पर आ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई कार्य को बीच में ही छोड़ दिया गया है और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि नाला उफान पर आता है, तो इससे गांव के साथ-साथ फसलों को भी भारी क्षति उठानी पड़ सकती है। इस संबंध में बाढ़ खंड के क्षेत्रीय अवर अभियंता पारसनाथ ने जानकारी दी कि लगभग छह किलोमीटर लंबे और साढ़े छह मीटर चौड़े नाले की सफाई का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि करमैती गांव के पास किसानों के बीच आपसी विवाद के चलते करीब 250 मीटर हिस्से में कार्य रुक गया था। पारसनाथ ने आगे बताया कि अब किसानों के बीच सहमति बन चुकी है। शेष कार्य शीघ्र ही निर्धारित मानकों के अनुसार पूर्ण कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की चिंता दूर हो सके।
करमैती गांव में नाले की सफाई अधूरी:250 मीटर काम रुका, ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा
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