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बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित मेहनौना गांव में भूमि विवाद के दौरान लक्ष्मण निषाद की हत्या के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे, जिसके चलते चौकी प्रभारी रखौना उपनिरीक्षक बृजमोहन सिंह और बीट पुलिस अधिकारी अमरजीत यादव को निलंबित किया गया था। लोगों का आक्रोश कम न होने के कारण, रविवार दोपहर तीन बजे कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने मेहनौना गांव पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में फरेंदा विधानसभा के विधायक वीरेन्द्र चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक प्रसाद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी, देवेन्द्र निषाद और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बृजेश आर्य सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। इन नेताओं ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और हर स्तर पर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि स्थानीय पुलिस ने पहले मिली शिकायतों को गंभीरता से लिया होता और समय पर कार्रवाई की होती, तो इस हत्याकांड को रोका जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में गरीब, कमजोर और वंचित वर्ग की शिकायतों की लगातार अनदेखी की जा रही है। नेताओं ने पुलिस पर मामले में लीपापोती करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बृजेश आर्य ने प्रतिनिधिमंडल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने निष्पक्ष जांच, सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान अनिल भारती, कौशल त्रिपाठी, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, डॉ. आलोक वर्मा, राजबहादुर निषाद, डॉ. शीला शर्मा, डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी, मोहम्मद रफीक खान, कर्नल ए.के. सिंह, अलीम अख्तर, गंगा मिश्र और सर्वेश शुक्ला सहित कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
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कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल बस्ती पहुंचा:लक्ष्मण निषाद के परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया, जमीन विवाद में हुई थी हत्या
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