तेहरानई। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह तेहरान के इमाम हुसैन स्क्वायर से पूरे राजकीय सम्मान के साथ शुरू हुई। राष्ट्रगान के बाद शुरू हुई अंतिम यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए। खामेनेई के पार्थिव शरीर को विशेष वाहन से तेहरान के प्रमुख मार्गों से होते हुए पवित्र शहर कोम ले जाया जा रहा है, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अंतिम यात्रा के दौरान राजधानी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोग हाथों में ईरानी झंडे और धार्मिक प्रतीक लेकर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, धार्मिक नेता, सैन्य अधिकारी और विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए। ईरानी मीडिया ने इसे देश के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक बताया है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की। इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 193 बसें तैनात की गईं, जिनके जरिए देश-विदेश से आए लोगों और प्रतिनिधिमंडलों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी करती रहीं।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि यह केवल एक विदाई समारोह नहीं, बल्कि खामेनेई के विचारों और उनके मिशन को आगे बढ़ाने का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों की स्वैच्छिक भागीदारी और उनकी भावनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि खामेनेई का प्रभाव जनता के बीच गहराई से मौजूद है। वहीं, सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी ने कहा कि खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान इस मामले में पीछे हटने वाला नहीं है और न्याय मिलने तक हर संभव कदम उठाएगा। अंतिम यात्रा के साथ पूरे देश में शोक का माहौल है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।












