श्रावस्ती जिले में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पांच स्थानों पर बहू-बेटी सम्मेलन आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 400 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। सम्मेलनों में आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गृहिणियां, विधवा और तलाकशुदा महिलाएं तथा किशोरियां शामिल थीं। पुलिस टीमों ने उपस्थित महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। महिलाओं को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें साइबर अपराध, घरेलू हिंसा और लैंगिक उत्पीड़न से बचाव के तरीकों के बारे में भी समझाया गया। कार्यक्रम के दौरान 1090, 181, 112, 108, 1098, 102, 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी गई। महिलाओं को साइबर हेल्प डेस्क, CCTNS और UPCOP ऐप जैसी डिजिटल सुविधाओं से भी परिचित कराया गया। किशोरियों को विशेष रूप से बाल विवाह, दहेज प्रथा, गुड टच-बैड टच और साइबर अपराध के खतरों के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें शिक्षा के महत्व और आत्मरक्षा के सरल उपायों के बारे में भी बताया गया। महिला पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा के कुछ आसान तरीके सिखाए और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
श्रावस्ती में पांच स्थानों पर बहू-बेटी सम्मेलन:महिलाओं को सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी दी गई
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