आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र का चर्चित सुरेंद्र हत्याकांड हर दिन नए खुलासों के साथ और भी सनसनीखेज होता जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह कोई आवेश में उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि आरोपी पत्नी रूबी ने कथित तौर पर कई दिनों तक योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, उसने पहले पति को नींद की गोलियां खिलाईं, फिर मौत के बाद शव को घर के बाथरूम में दफनाकर ऊपर नया फर्श बनवा दिया ताकि किसी को जरा भी शक न हो।हालांकि पुलिस स्पष्ट कर चुकी है कि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

पति की आदतों से परेशान थी रूबी, पुलिस के सामने बताई वजह
पूछताछ में रूबी ने कथित तौर पर बताया कि पति सुरेंद्र ने कुछ समय पहले डिलीवरी बॉय की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह अधिकांश समय शराब के नशे में रहता था। घर का खर्च पत्नी सिलाई-कढ़ाई करके चलाती थी, लेकिन सुरेंद्र उसकी कमाई भी शराब के लिए मांगता था। पैसे नहीं मिलने पर मारपीट और गाली-गलौज करता था। पुलिस के अनुसार, रूबी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से पति का व्यवहार बेटियों के प्रति भी ठीक नहीं था, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी।
क्राइम फिल्में देखकर तैयार किया कथित प्लान
पुलिस के अनुसार, रूबी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपराध आधारित फिल्में और वेब सीरीज देखकर हत्या और शव छिपाने का तरीका सोचा। उसने पहले से ही पूरे घर का मुआयना किया और बाथरूम को शव छिपाने के लिए चुना।

पहले मंगाया मलबा, फिर खोदा गड्ढा
जांच में सामने आया कि पड़ोस में निर्माण कार्य चल रहा था। रूबी ने वहीं से चार सौ में आधी ट्रॉली मलबा मंगवा लिया। मलबा घर के बाहर रखवा दिया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद उसने फावड़े से बाथरूम का फर्श खोदकर गड्ढा तैयार किया। पुलिस के अनुसार, शव को घसीटकर बाथरूम तक ले जाया गया। गड्ढे में रखने के बाद उस पर घर में रखा नमक भी डाला गया। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने ऐसा शव के जल्दी गलने की उम्मीद में किया होगा। हालांकि इसका वैज्ञानिक परीक्षण अभी होना बाकी है।
खुद खरीदा सीमेंट, बालू और बुलाया मजदूर
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने खुद बाजार से सीमेंट, बालू और अन्य निर्माण सामग्री खरीदी। पड़ोसी की मदद से एक मजदूर बुलाया गया। 19 मई को दो मजदूर आए और करीब एक घंटे में बाथरूम का नया फर्श तैयार कर दिया। जिसका पूरा खर्चा पांच सौ आया। पुलिस ने दोनों मजदूरों से पूछताछ की, लेकिन उनके खिलाफ फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया।

मीट के बाद खीर… और फिर मौत
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात सुरेंद्र बाजार से मीट लेकर आया था। उसने घर में शराब पी और खाना खाया। इसके बाद रूबी ने उसकी पसंद की खीर बनाई और उसमें कथित तौर पर 20 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर खिला दीं। देर रात उसने पति की सांसें जांचीं और मौत की पुष्टि होने के बाद अगली योजना पर काम शुरू कर दिया।
पहले सास और बेटियों को भेजा घर से बाहर
जांच के मुताबिक, सुबह रूबी ने सास और दोनों बेटियों को यह कहकर जेठ के घर भेज दिया कि भरतपुर से मामा का फोन आया है और पुलिस में शिकायत की बात हो रही है। उनके जाने के बाद उसने शव को ठिकाने लगाया। इसके बाद वह खुद भी घर में ताला लगाकर जेठ के घर चली गई और कहानी बनाई कि सुरेंद्र पुलिस के डर से कहीं चले गए हैं।

गुमशुदगी दर्ज कराई, पुलिस को भी गुमराह किया
परिवार को शक न हो, इसलिए 26 मई को रूबी ने अपने जेठ के साथ थाने पहुंचकर सुरेंद्र की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। पुलिस जब तलाश के लिए घर पहुंचती तो वह रोती-बिलखती नजर आती थी। इस दौरान किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ।
पुराने केस के सत्यापन से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस 2017 के एक पुराने ट्रक चोरी के मुकदमे के सत्यापन के लिए सुरेंद्र के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान रूबी घबरा गई। उसे लगा कि पुलिस को सच्चाई का पता चल गया है। आखिरकार उसने अपने जेठ अनिल को बुलाकर पूरी घटना बता दी। इसके बाद पुलिस ने बाथरूम का फर्श खुदवाकर कंकाल बरामद किया।

पेंशन के पैसे को लेकर भी हुआ था विवाद
जांच में यह भी सामने आया कि सुरेंद्र की मां को हर महीने करीब 32 हजार रुपये पेंशन मिलती थी। डेबिट कार्ड और पासबुक रूबी के पास रहते थे। जून महीने में उसने जेठ को पेंशन का हिस्सा नहीं दिया और कहा कि पैसा खाते में नहीं आया। बाद में खाते की जानकारी मिलने पर परिवार को शक हुआ और विवाद बढ़ गया।
डीएनए और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने बरामद कंकाल का डीएनए सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। डीएनए मिलान के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच हर पहलू से जारी है।

अभी जांच जारी है
पुलिस का कहना है कि आरोपी के कथित बयान जांच का हिस्सा हैं। हत्या के कारण, घटनाक्रम और अन्य तथ्यों की पुष्टि वैज्ञानिक साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी। अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही होगा।












