
लखनऊ। किसी भी मां को अपने बच्चे का पालन-पोषण करने और अपनी गरिमा बनाए रखने के बीच कभी चयन नहीं करना चाहिए। हम संस्थान में भविष्य में आवश्यकता अनुसार ऐसे और कियोस्क स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं,ताकि प्रत्येक स्तनपान कराने वाली मां स्वयं को समर्थित और सुरक्षित महसूस कर सके। ये बातें पीजीआई के निदेशक प्रो.राधा कृष्ण धीमन ने कहा। सोमवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ,संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के अस्पताल प्रशासन विभाग ने ‘इनर व्हील क्लब ऑफ लखनऊ अभ्युदय’ के सहयोग से जनरल अस्पताल परिसर में एक समर्पित ‘ब्रेस्टफीडिंग कियोस्क का सफलतापूर्वक संस्थापन और उद्घाटन किया।
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प्रो.आर.हर्षवर्धन ने रोगी सुरक्षा पहलों के प्रति पीजीआई की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला और कहा कि यह संस्थान अत्याधुनिक चिकित्सा देखभाल के साथ-साथ रोगी-केंद्रित सुविधाएं प्रदान करने के लिए सदैव समर्पित है। डॉ.मीनाक्षी सिंह ने सामुदायिक सेवा के मूल्यों पर जोर देते हुए टिप्पणी की, “समाज की सेवा ही हमारा सच्चा कर्तव्य है। छोटे प्रयास भी लोगों के जीवन में बड़ी राहत ला सकते हैं।” इसी भावना को दोहराते हुए, उन्होंने यह भी नोट किया कि नव-संस्थापित स्तनपान कियोस्क स्तनपान कराने वाली माताओं को अत्यंत आवश्यक आराम प्रदान करेगा और इनर व्हील की सेवा भावना के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा। उद्घाटन मुख्य अतिथि निदेशक,पीजीआई,पद्म प्रो.राधा कृष्ण धीमन ने किया। इस दौरान प्रो. देवेंद्र गुप्ता,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक,प्रो.आर.हर्षवर्धन (चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. बृजेश सिंह ,जनरल सर्जन, जनरल हॉस्पिटल,डॉ. प्रेरणा कपूर ,वरिष्ठ चिकित्सक,जनरल हॉस्पिटल और डॉ.मीनाक्षी सिंह अध्यक्ष,इनर व्हील क्लब द्वारा संयुक्त रूप से रिबन काटकर किया गया। इस अवसर पर जनरल अस्पताल के सलाहकार चिकित्सक,कर्मचारी, छात्र और इनर व्हील क्लब के अन्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।












