लखनऊ। हजरतगंज स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन । दुबग्गा डिपो के संविदा परिचालकों ने हजरतगंज में विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि विभिन्न मांगों को लेकर कई दिनों से दुबग्गा डिपो पर कार्य बहिष्कार करके विरोध कर रहे थे मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद हजरतगंज में प्रदर्शन करने पहुंचे । प्रदर्शनकारी परिचालकों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा गया।
प्रदर्शन कर रहे अमित सिंह ने कहा कि दुबग्गा डिपो के संविदा कर्मचारियों का प्राइवेट कंपनी एसएस एंटरप्राइजेज में विलय किया जा रहा है जो स्वीकार नहीं है। कोई भी चालक या परिचालक को प्राइवेट कंपनी के साथ काम करना नहीं चाहता है। सिटी बसों में सेवा देने वाले लगभग 200 से अधिक परिचालक विगत कई दिनों से हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से शहर के 22 प्रमुख रूट पर चलने वाली सिटी बसें प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी न होने पर आत्महत्या की चेतावनी दिया।
प्रदर्शन कर रहे विकास ने कहा कि जब तक हम लोगों की मांग पूरी नहीं हो जाएगी यह विरोध चलता रहेगा। लगातार चालकों और परिचालकों के अधिकारों का हनन करने की कोशिश की जा रही है। हम लोग संविदा पर काम कर रहे हैं पहले से ही वेतन बहुत कम है और सुविधाएं शून्य । अब अगर प्राइवेट कंपनियों के हाथ में चले जाएंगे तो शोषण बढ़ जाएगा। इसलिए सभी परिचालक कार्य बहिष्कार करके सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं ।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम लोग की सुनवाई नहीं हो रही थी जिसके बाद हमारे कई साथी मुख्यमंत्री आवास आत्मदाह करने पहुंचे थे। उन्हें भी जेल भेज दिया गया है। हमारी मांग है कि सभी साथियों को छोड़ा जाए और मुकदमे वापस लिया जाए। यह सीधे तौर पर तानाशाही है कि जब हमारी भर्ती संविदा पर हुई थी तो प्राइवेट कंपनी में क्यों भेजा जा रहा है। और विरोध करने पर हम सभी लोगों मुकदमे को धमकी दी जा रही है और कुछ साथियों को जेल भी भेज दिया गया।












