Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)ड्रेनेज खंड की लापरवाही से सूखी नहरें:धान की नर्सरी पर संकट, किसान...

ड्रेनेज खंड की लापरवाही से सूखी नहरें:धान की नर्सरी पर संकट, किसान परेशान, जल्द पानी छोड़ने का आश्वासन मिला


सिद्धार्थनगर के नौगढ़ और जोगिया क्षेत्र में ड्रेनेज खंड की लापरवाही से सैकड़ों गांवों के किसान परेशान हैं। धान की नर्सरी तैयार करने के महत्वपूर्ण समय में वानगंगा मुख्य नहर से निकली भीमापार, नौगढ़, धुसरी, कटहना, महुलानी और जोगिया माइनर सूखी पड़ी हैं। नहरों में पानी न पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और धान की रोपाई प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्र के 200 से अधिक गांवों के किसान सिंचाई के लिए इन नहरों पर निर्भर हैं। पानी की कमी के कारण उनके खेत सूखने लगे हैं। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की उदासीनता और समय पर व्यवस्था न करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई किसानों ने बताया कि उनकी धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है, लेकिन पानी के अभाव में फसल खराब होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण निजी संसाधनों से सिंचाई करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास वैकल्पिक सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं, सबसे अधिक प्रभावित हैं। इस संबंध में, ड्रेनेज खंड के अधिकारियों का कहना है कि पुलिया निर्माण कार्य के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने जल्द ही नहरों में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया है। हालांकि, किसानों का सवाल है कि जब खेती का सीजन शुरू होने वाला था, तो विभाग ने पहले से वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की। किसानों ने प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेकर तत्काल नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments