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एक क्लिक पर बंद हो जा रहा था ई-रिक्शा, अब सरकार ने BAT-BMS ऐप हटाने को कहा

इंस्टाग्राम, यूट्यूब और दूसरे प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग मोबाइल से ई-रिक्शा को अचानक बंद करते हुए दिखाई दे रहे हैं और बताया जा रहा है कि यह सब BAT-BMS ऐप के जरिए ही किया जा रहा है। इससे जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद अब गूगल प्लेस्टोर से इस ऐप को हटा दिया गया है।

न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से इस बारे में जानकारी दी है। रिपोर्ट में लिखा, ‘सरकार ने BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion ऐप्स को हटाने का निर्देश दिया है, जिनका कथित तौर पर बैटरी वाहनों को रिमोट से बंद करने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा था। दुरुपयोग की जा रही ऐसी अन्य ऐप्स को भी ब्लॉक कर दिया जाएगा।’

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क्या है पूरा मामला?

ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग मोबाइल से ई-रिक्शा को अचानक बंद करते हुए दिखाई दे रहे हैं और बताया जा रहा है कि यह सब BAT-BMS ऐप के जरिए ही किया जा रहा था। इसी बात को लेकर बहस हो रही थी कि क्या किसी ऐप से ऐसा हो सकता है। सुरक्षा को लेकर कई तरह के प्रश्न उठ रहे थे। अब सरकार ने इस पर एक्शन लिया है। इन ऐप्स के दुरुपयोग के कारण सरकार को यह एक्शन लेना पड़ा है।

कैसे होती थी ई-रिक्शा बंद?

असल में देखें तो कमजोरी ऐप में नहीं, बल्कि कुछ सस्ती लिथियम बैटरियों के BMS में बताई जा रही है। कई बैटरियों में ब्लूटूथ कनेक्शन बिना मजबूत पासवर्ड या सिक्योरिटी के खुला रहता है। अगर कोई व्यक्ति उसी ब्लूटूथ रेंज में मौजूद हो और उसकी बैटरी BAT-BMS ऐप के साथ कम्पैटिबल हो, तो वह बैटरी से कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है। कुछ मामलों में इससे बैटरी का डिस्चार्ज बंद किया जा सकता है, जिससे ई-रिक्शा रुक जाता है।

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कुछ ही गाड़ियों पर था असर

हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि देश का हर ई-रिक्शा खतरे में है या ये पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। यह केवल उन्हीं ई-रिक्शा पर असर डाल सकता है जिनमें ब्लूटूथ वाला कम्पैटिबल BMS लगा हो और जिसकी सुरक्षा कमजोर हो। आज भी बड़ी संख्या में ई-रिक्शा साधारण लेड-एसिड बैटरी का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें इस तरह का ब्लूटूथ सिस्टम होता ही नहीं। कई कंपनियां अपने अलग और सुरक्षित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं, जिन पर यह ऐप काम नहीं करता।


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