Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)एआई और रोबोटिक्स की पढ़ाई पर जोर:विद्या भारती में संस्कार में क्षेत्रीय...

एआई और रोबोटिक्स की पढ़ाई पर जोर:विद्या भारती में संस्कार में क्षेत्रीय मंत्री बोले- शिक्षा सिर्फ परीक्षा और नौकरी तक सीमित नहीं

#बस्ती_न्यूज

बस्ती में शनिवार को विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने पत्रकार वार्ता में शिक्षा को लेकर संस्थान की प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना या रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, चरित्र, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने के साथ नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखना जरूरी है। किताबी ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण पर जोर डॉ. मालवीय ने कहा कि विद्या भारती भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीयता के साथ आधुनिक ज्ञान-विज्ञान का समन्वय कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है। विद्यालयों में बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ चरित्रवान, राष्ट्रभक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। AI के दौर में डिजिटल शिक्षा और रोबोटिक्स उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से शिक्षा का हिस्सा बन रही है। इसे ध्यान में रखते हुए विद्या भारती के विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल विकसित करना है। गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर होंगे कार्यक्रम डॉ. मालवीय ने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें व्याख्यान, विचार गोष्ठी, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। इसके जरिए विद्यार्थियों को उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश से जोड़ने का प्रयास होगा। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर सामूहिक आयोजन वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विद्यालयों में सामूहिक गान, गायन, चित्रकला प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए जाएंगे। डॉ. मालवीय ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जाएगा। पंच परिवर्तन से समाज में बदलाव का लक्ष्य क्षेत्रीय मंत्री ने विद्या भारती के पंच परिवर्तन के बारे में भी जानकारी दी। इसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध और स्वबोध को प्रमुख आधार बताया गया। इन माध्यमों से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 2027 में 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में विद्या भारती के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पत्रकार वार्ता से पहले विषय संयोजक एवं प्रांत प्रमुख (आयाम) की बैठक दीप प्रज्ज्वलन और वंदना के साथ हुई। प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया। बैठक में विभिन्न आयामों के कार्य, आगामी कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार की रणनीति और पंच परिवर्तन के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। अंत में संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे ने आभार जताया। इस दौरान प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, कन्हैया चौबे, अंकित कुमार गुप्ता, नरेन्द्र चन्द्र कौशिक, प्रेमशरण मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular