दिल्ली :कुछ साल पहले तक दिल्ली से मेरठ, अलवर, सोहना या बागपत जाना लंबी और थकाऊ यात्रा माना जाता था। ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें और घंटों का सफर लोगों को परेशान कर देता था। लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार और नमो भारत रैपिड रेल जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने NCR की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। अब दिल्ली से कई शहर सिर्फ 60 से 90 मिनट की दूरी पर महसूस होने लगे हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में रियल एस्टेट, कारोबार, होटल, वेयरहाउस और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
एक्सप्रेसवे ने बदल दिया सफर का एक्सपीरिएंस
द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और शहरी विस्तार सड़क-II (UER-II) जैसे प्रोजेक्ट्स ने NCR में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार दी है। इन हाई-स्पीड सड़कों की वजह से अब गुरुग्राम, सोहना, भिवाड़ी और अलवर जैसे इलाकों तक पहुंचना पहले से काफी आसान हो गया है। खासकर द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास प्रॉपर्टी की कीमतों में पिछले कुछ सालों में कई गुना बढ़ोतरी देखी गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और अब लोग दिल्ली के बाहर भी घर और बिजनेस सेटअप करने में रुचि दिखा रहे हैं।
नमो भारत ट्रेन ने घटा दी दूरियां
दिल्ली-मेरठ नमो भारत RRTS ने NCR की यात्रा को पूरी तरह बदल दिया है। यह हाई-स्पीड ट्रेन दिल्ली से मेरठ तक का सफर एक घंटे से कम समय में पूरा कर रही है। 160 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड वाली यह ट्रेन रोजाना हजारों यात्रियों के लिए बड़ी राहत बन रही है। अब लोग मेरठ या गाजियाबाद में रहकर भी आसानी से दिल्ली में नौकरी कर सकते हैं। सरकार अब गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए भी नए रैपिड रेल कॉरिडोर पर काम कर रही है।
तेजी से बदल रहे हैं ये शहर
बेहतर कनेक्टिविटी का असर NCR के कई शहरों में साफ दिखाई दे रहा है।
मेरठ: मेरठ अब सिर्फ एक पारंपरिक शहर नहीं रहा। यहां इंडस्ट्रियल हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित हो रहे हैं।
गाजियाबाद: NH-9, मेट्रो और रैपिड रेल की वजह से गाजियाबाद में लग्जरी हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी है।
फरीदाबाद: विशेषज्ञों के मुताबिक फरीदाबाद अब अगले गुरुग्राम के रूप में उभर रहा है। एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के कारण यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
किसानों और कारोबारियों को भी फायदा
बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क का फायदा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है। ट्रांसपोर्ट खर्च कम होने से कारोबारियों और किसानों दोनों को राहत मिल रही है।फल-सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली चीजें अब तेजी से बाजार तक पहुंच रही हैं, जिससे नुकसान कम हो रहा है। वहीं वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी NCR के बाहरी इलाकों में तेजी से निवेश कर रही हैं।











