कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज स्थित रामपुरवा (मटेही) गांव में मंगलवार को वन विभाग ने एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया। ग्राम प्रधान के आवास पर आयोजित इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना था। इस गोष्ठी में गजमित्र, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वन क्षेत्राधिकारी शिव प्रसाद ने अपनी टीम के साथ ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें जागरूक किया। अधिकारियों ने बताया कि फसल कटने के बाद हाथी, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव भोजन की तलाश में अक्सर गांवों की ओर आ जाते हैं। इस स्थिति से बचने और संघर्ष को कम करने के लिए ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इनमें रात में अकेले खेत या जंगल की तरफ न जाने की सलाह शामिल थी। साथ ही, मवेशियों को सुरक्षित बाड़े में रखने और रात में बाहर निकलने पर टॉर्च का उपयोग करने को कहा गया। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि हाथी या किसी अन्य वन्यजीव के दिखने पर शोर न मचाएं, बल्कि उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इसके अतिरिक्त, कचरा और खाने की चीजें खुले में न फेंकने की अपील की गई, ताकि जानवर गांव की ओर आकर्षित न हों। ग्राम प्रधान ने वन विभाग के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गोष्ठियां ग्रामीणों के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी। वन विभाग ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में गश्त और गजमित्रों की तैनाती लगातार जारी रहेगी, जिससे जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रामपुरवा गांव में वन विभाग की गोष्ठी:मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ग्रामीणों को दिए टिप्स
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












