गोरखपुर। गोरखपुर के प्रसिद्ध उद्यमी एवं समाजसेवी ओमप्रकाश जालान का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे। तबीयत बिगड़ने पर कल उन्हें एयर एंबुलेंस से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही गोरखपुर के औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
ओमप्रकाश जालान अपने पीछे पत्नी पूनम जालान, पुत्र अनुज जालान व तनुज जालान सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका पार्थिव शरीर बुधवार शाम तक गोरखपुर लाया जाएगा। गुरुवार सुबह राप्ती नदी के तट स्थित राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे जंगल नकहा नंबर-2 स्थित उनके आवास से निकलेगी।
ओमप्रकाश जालान गोरखपुर के औद्योगिक विकास की उस पीढ़ी के प्रमुख हस्ताक्षर थे, जिन्होंने अपने परिश्रम, दूरदर्शिता और उद्यमशीलता से शहर के व्यापारिक परिदृश्य को नई दिशा दी। जालान कॉनकास्ट के नाम से उनकी सरिया निर्माण फैक्ट्री स्थापित है, जिसे गोरखपुर की पहली सरिया फैक्ट्री माना जाता है। औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ वह रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े रहे। समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सरल स्वभाव, व्यवहारकुशलता और कर्मठ व्यक्तित्व के कारण ओमप्रकाश जालान उद्यमियों, व्यापारियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच अत्यंत सम्मानित थे। उनके निधन को गोरखपुर के उद्योग एवं व्यापार जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
ओमप्रकाश जालान जालान परिवार के बड़े पुत्र थे। उनके पिता युगुल किशोर जालान भी इस क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्यमी रहे। तीन भाइयों में ओमप्रकाश जालान सबसे बड़े थे। उनके दूसरे भाई अशोक जालान भी गोरखपुर के बड़े उद्यमियों में गिने जाते हैं। गीडा स्थित अंकुर स्टील फैक्ट्री में अंकुर टीएमटी सरिया का निर्माण किया जाता है। यह एक इंटीग्रेटेड स्टील फैक्ट्री है। इसके साथ ही परिवार का टेक्सटाइल क्षेत्र में भी निवेश है। उनके सबसे छोटे भाई विनोद जालान का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। वह भी उद्यमी थे। उनके निधन पर शहर के उद्यमियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे गोरखपुर के औद्योगिक जगत की बड़ी क्षति बताया है।












