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श्रावस्ती में बुद्ध के पर्यावरण दर्शन पर मंथन:बोधि पथ कार्यशाला में अतिथियों ने किया पौधरोपण


श्रावस्ती के इकौना स्थित जगतजीत इंटर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान द्वारा आयोजित बोधि पथ कार्यशाला के तीसरे दिन भगवान बुद्ध के पर्यावरणीय दृष्टिकोण और मृदा संरक्षण विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में महामाया राजकीय डिग्री कॉलेज श्रावस्ती के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि और डायट प्रवक्ता गिरीश प्रसाद मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कॉलेज के प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेयी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बुद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित करके किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि भगवान बुद्ध का जीवन और दर्शन पर्यावरण संरक्षण की भावना से ओत-प्रोत है। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म में पृथ्वी और मिट्टी को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार माना गया है, इसलिए इनके संरक्षण और शुद्धता को विशेष महत्व दिया गया है। विशिष्ट अतिथि गिरीश प्रसाद मिश्र ने बुद्ध के अहिंसा और संयम के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बुद्ध ने वर्षा ऋतु में भिक्षुओं को यात्रा न करने का निर्देश दिया था, ताकि मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्म जीवों की रक्षा हो सके और मृदा कटाव को रोका जा सके। मिश्र ने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण की यह सोच आज भी अत्यंत प्रासंगिक है। प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेयी ने अपने संबोधन में कहा कि बुद्ध ने सादा जीवन और सीमित उपभोग की वकालत की थी। उनका मानना था कि मनुष्य का अत्यधिक लालच प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण विनाश का मुख्य कारण है। उन्होंने सुझाव दिया कि संसाधनों के संतुलित उपयोग से ही पर्यावरण और मिट्टी का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सकता है। वक्ताओं ने वृक्षों और वनों के संरक्षण को बौद्ध दर्शन का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और जल संरक्षण से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा मृदा अपरदन पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं अधिवक्ता नागेंद्र सिंह (प्रयागराज), अर्पण तिवारी, वंदना तिवारी, अर्चना बाजपेयी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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