श्रावस्ती जिले को रेल सुविधा से जोड़ने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। पूर्व सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा ने 10 अगस्त को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। सांसद प्रतिनिधि ने बुधवार सुबह 9:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने बहराइच-खलीलाबाद नई रेल लाइन परियोजना में तेजी लाने की मांग उठाई। दद्दन मिश्रा ने रेल मंत्री से बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में धीमी गति से चल रही इस परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। रेल मंत्री ने इस संबंध में सकारात्मक आश्वासन दिया है। दद्दन मिश्रा ने रेल मंत्री को बताया कि श्रावस्ती जिला आज भी रेल संपर्क से वंचित है। जिले को रेल से जोड़ने से आवागमन सुगम होने के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। दरअसल केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2018 में लगभग 240 किलोमीटर लंबी खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4940 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। तत्कालीन रेल मंत्री ने 2 मार्च 2019 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था और इसे वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। इन इलाकों से गुजरेगी रेलवे लाइन प्रस्तावित रेल लाइन बहराइच से भिनगा, श्रावस्ती, बलरामपुर, उतरौला और डुमरियागंज होते हुए खलीलाबाद तक जाएगी। परियोजना के तहत संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर क्षेत्र में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में काम की गति अपेक्षाकृत धीमी है। श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष समिति के संस्थापक पंकज मिश्र ने बताया कि श्रावस्ती जिले में कार्य की प्रगति काफी धीमी है, जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए संबंधित जिलों को धनराशि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रावस्ती को परियोजना के तीसरे चरण में रखा गया है। पंकज मिश्र ने कहा कि परियोजना को वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद श्रावस्ती में कार्य मे तेजी नहीं लाई जा सकी है। उन्होंने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से जिले में परियोजना का कार्य जल्द शुरू कराने तथा निर्माण में तेजी लाने की मांग की।
श्रावस्ती को रेलवे लाइन से जोड़ने की उम्मीद बढ़ी:पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा रेल मंत्री से मिले, परियोजना में तेजी लाने पर चर्चा
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