गाजियाबाद। रामानुज परिवार, गाजियाबाद के तत्वावधान में हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में सोमवार को आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का दिव्य वाचन श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य “विद्याभास्कर” जी महाराज के श्रीमुख से हुआ।
द्वितीय दिवस का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, भगवान श्रीहरि के पूजन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचन में पूज्य महाराज श्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य स्वरूप, भगवान श्रीहरि की अनंत महिमा तथा भक्त ध्रुव के अटल विश्वास, तप, त्याग और निष्काम भक्ति का अत्यंत प्रेरणादायक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है, जब वह भगवान के प्रति निष्काम प्रेम, सेवा और समर्पण का भाव अपनाता है। ध्रुव जी का चरित्र हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, श्रद्धा और ईश्वर पर अटूट विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
महाराज श्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, भक्ति, सदाचार और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला दिव्य प्रकाश है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक जागरण होता है और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा संस्कारों का संचार होता है।
आज के मुख्य यजमान सुभाष गुप्ता एवं सुषमा गुप्ता रहे। उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन कर कथा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कथा स्थल पर भगवान श्रीहरि के जयघोष, मधुर भजन-कीर्तन एवं भक्तिमय वातावरण से सम्पूर्ण हिन्दी भवन परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया तथा महाआरती में भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को स्नेहपूर्वक भोजन प्रसादी वितरित की गई।
इस पावन आयोजन के आयोजक रामानुज परिवार, गाजियाबाद हैं। संयोजक अतिन अग्रवाल एवं सह-संयोजक धवल गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने का आग्रह किया।
आयोजन की व्यवस्थाओं में राजेश गर्ग, धवल गुप्ता, दिनेश सिंह, नीरू गर्ग एवं गौरव बंसल ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। वहीं महाआरती के उपरांत भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से सुव्यवस्थित एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न कराई गई।
आयोजकों ने बताया कि यह सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा 25 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में आयोजित की जा रही है। उन्होंने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं सनातन धर्मावलंबियों से आग्रह किया कि वे सपरिवार उपस्थित होकर कथा का श्रवण करें, भगवान श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा अपने जीवन को धर्म, भक्ति और संस्कारों से आलोकित करें।
श्रीमद्भागवत कथा में भक्त ध्रुव की अटूट भक्ति और भगवान श्रीहरि की महिमा का हुआ भावपूर्ण वर्णन
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