जौनपुर । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। यूपी के जौनपुर में जौनपुर स्थित शिया कॉलेज मैदान में गुरुवार को आयतुल्लाह अली ख़ामेनई के याद में आयोजित मजलिस के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनई के प्रतिनिधि आयतुल्लाह डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने मीडिया से बातचीत में ईरान का पक्ष रखते हुए कहा कि “ईरानी जनता मजबूती से डटी हुई है और जीत हमारी होगी।”उन्होंने दावा किया कि ईरान की स्थिति मजबूत है और जनता संघर्ष का सामना करते हुए सड़कों पर डटी हुई है। इलाही के अनुसार यह लड़ाई केवल सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की लड़ाई बन चुकी है।संघर्ष में भारी जनहानि का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 4 हजार से अधिक निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 1 लाख से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 50 से अधिक विश्वविद्यालयों और अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा है।होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति पर बोलते हुए इलाही ने कहा कि 28 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सामान्य थी, लेकिन हमलों के बाद हालात बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 1500 जहाज़ और 2000 से अधिक चालक दल के सदस्य इस मार्ग में फंसे हुए हैं। उन्होंने इसके लिए युद्ध शुरू करने वाली ताकतों को जिम्मेदार ठहराया।अमेरिका पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वह किसी वास्तविक समझौते के लिए गंभीर नहीं है और तेल की कीमतों व क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से तनाव बढ़ा रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को भी उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी बताया।परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान ने एक बार फिर कहा कि उसका परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है। इलाही ने कहा कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनई पहले ही परमाणु हथियारों को “हराम” घोषित कर चुके हैं।अंत में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निष्पक्ष हस्तक्षेप कर शांति बहाली और कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास करने की अपील की












