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‘जहां मैं नहीं हूं, वहां बोलना आसान है…’, हिमंता ने अब सिंघवी को दिया जवाब

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। शीर्ष कोर्ट ने असम पुलिस द्वारा दर्ज फर्जीवाड़ा केस में खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा से जुड़ा है। पवन खेड़ा ने पिछले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि रिंकी भुइयां के पास कई पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं। इस मामले में हिमंता ने बड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

इन आरोपों को लेकर असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें फर्जी दस्तावेज पेश करने और मानहानि के आरोप शामिल हैं। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

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सिंघवी ने किया मुख्यमंत्री हिमंता से आग्रह

पवन खेड़ा को जमानत मिलने के बाद वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘मैं हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि 4 मई को चुनावी नतीजा चाहे जो भी हो, क्या वह सच में अपने स्टैंड पर दोबारा सोचना नहीं चाहते? कोर्ट के फैसले में भी सीएम से उनके फैसले में सोचने पर विचार करने के लिए कहा गया है। पब्लिक डोमेन में उनके दिए गए बयान ऐसे हैं जिन्हें दोहराया नहीं जा सकता, छापा नहीं जा सकता और बताया नहीं जा सकता।’

9 जमानती केस हैं

सिंघवी ने आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि सॉलिसिटर जनरल ने न तो मुख्यमंत्री हिमंता के उन बयानों को सही ठहराया और न ही उनका समर्थन किया। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पवन खेड़ा के ऊपर जो 10 या 11 आरोप हैं, उनमें से 9 जमानती हैं।

सिंघवी को हिमंता का जवाब

सिंघवी के इस बयान के बाद सीएम हिमंता सरमा ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से, खासकर अभिषेक सिंघवी से लोकतंत्र, जनता के बीच में बातचीत या तहजीब के बारे में सीखने की जरूरत नहीं है।

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उन्होंने अपनी पत्नी का जिक्र करते हुए कहा, ‘असली मुद्दा यहां एक महिला से जुड़ा है, जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। मगर दूसरे देशों के जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करके नेशनल टेलीविजन पर उसका कैरेक्टर खराब किया जा रहा है। मुझे यकीन है कि कोर्ट इस पर जल्द या बाद में ध्यान देगा और दोषी को चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक महिला के कैरेक्टर को बदनाम करने के उसके खुलेआम काम के लिए सजा मिलेगी।’

कहा- यह अंत नहीं है

हिमंता ने आगे अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर बोलना आसान है जहां मैं जवाब देने के लिए मौजूद नहीं हूं। उन्होंने कहा, ‘इसे डिबेट नहीं कहते, यह बस एक सही बातचीत से बचना है, जिसका आप समर्थन कर रहे थे। मैं साफ कर दूं, यह सिर्फ शुरुआत है, अंत नहीं है।’


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