पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस खूनी संघर्ष के पीछे पैतृक संपत्ति और जमीन के बंटवारे का विवाद था। आरोपी बेटा विनोद उर्फ महेंद्र काफी समय से इस बात को लेकर नाराज चल रहा था कि उसे जमीन के बंटवारे में कम हिस्सा दिया गया है। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। वारदात के दिन यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर पास में रखे फावड़े से अपने बुजुर्ग पिता पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।थाना प्रभारी राधेश्याम मौर्य के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी और सूचना तंत्र को सक्रिय किया। नतीजतन, पुलिस ने 24 घंटे बीतने से पहले ही हत्यारोपी विनोद उर्फ महेंद्र को चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना फावड़ा भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
इस त्वरित और सफल पुलिसिया कार्रवाई में थाना प्रभारी राधेश्याम मौर्य के साथ उपनिरीक्षक अजय पाल, महिला उपनिरीक्षक प्रिया बाजपेयी, कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार और चालक कांस्टेबल अरविंद कुमार की मुख्य भूमिका रही। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।












