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कोटिया आंगनबाड़ी केंद्र उपेक्षा का शिकार:लंबे समय से बंद, भवन जर्जर होने की कगार पर


सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र लंबे समय से विभागीय उदासीनता का शिकार है। उपयोग में न होने के कारण इसका भवन जर्जर अवस्था में पहुंच रहा है। केंद्र परिसर में गंदगी का अंबार लगा है, वहीं भवन के अंदर असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है। भवन की नियमित देखरेख न होने से इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। गांव निवासी भोला ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र काफी समय से बंद है और परिसर में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। चंद्रशेखर ने कहा कि भवन की देखरेख न होने से असामाजिक तत्व यहां पहुंचकर तोड़फोड़ करते हैं। ग्रामीण रंजीत ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते केंद्र का संचालन शुरू नहीं किया गया और मरम्मत नहीं कराई गई तो भवन पूरी तरह से जर्जर हो सकता है। इस संबंध में पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि अमित त्रिपाठी ने जानकारी दी कि राजस्व गांव कोटिया में वर्तमान में कोई आंगनबाड़ी कार्यकत्री या सहायिका तैनात नहीं है, जिसके कारण भवन का उपयोग नहीं हो रहा है। हालांकि, भवन पर कार्यकत्री और सहायिका का नाम स्पष्ट रूप से अंकित दिखाई देता है। उन्होंने संबंधित विभाग से आवश्यक कार्रवाई कर केंद्र के शीघ्र संचालन की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बाल विकास परियोजना विभाग से आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति का संज्ञान लेने, नियमित संचालन, साफ-सफाई और भवन की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की अपील की है।

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