नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को उनके स्वास्थ्य की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि “हर नागरिक का जीवन अनमोल है और उसे बचाने के लिए सरकार को हरसंभव प्रयास करने चाहिए।”
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने यह निर्देश अधिवक्ता राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान दिए। याचिका में सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकारी डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम पहले से ही वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि डॉक्टरों की सलाह के आधार पर आवश्यक चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार के इस रुख की सराहना करते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि वांगचुक की प्रतिदिन क्लीनिकल मॉनिटरिंग जारी रखी जाए और यदि डॉक्टर आवश्यक समझें तो तुरंत चिकित्सा हस्तक्षेप किया जाए। अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा, “हर नागरिक का जीवन अनमोल है।”
याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि सोनम वांगचुक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर तरल आहार, पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल्स देकर उनका जीवन सुरक्षित किया जाए। हालांकि अदालत ने इस संबंध में कोई अलग निर्देश नहीं दिया और सरकार को चिकित्सकीय विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक कदम उठाने को कहा।
सोनम वांगचुक 28 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं, विशेष रूप से NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। यह विरोध प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, अनशन के दौरान वांगचुक का वजन 8 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है और उनके ब्लड शुगर स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह जनहित याचिका दायर की गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए केंद्र और संबंधित सरकारी एजेंसियों को वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
‘हर नागरिक का जीवन अनमोल है’, सोनम वांगचुक की रोजाना मेडिकल मॉनिटरिंग के निर्देश: दिल्ली हाईकोर्ट
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