रिपोर्ट: ब्यूरो कार्यालय
महराजगंज के मिठौरा क्षेत्र अंतर्गत जमुई पंडित गांव में वट सावित्री व्रत के अवसर पर महिलाओं को भारी अव्यवस्था और गंदगी के बीच पूजा-अर्चना करनी पड़ी। पवित्र वट वृक्ष (बरगद) के आसपास फैली गंदगी और कथित अतिक्रमण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं में आक्रोश देखने को मिला।
शनिवार को देशभर में सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए वट सावित्री व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इसी क्रम में जमुई पंडित स्थित पोखरा के पास मौजूद वट वृक्ष पर भी बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा करने पहुंचीं। लेकिन वहां की स्थिति देखकर महिलाएं परेशान हो उठीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूजा स्थल के आसपास लंबे समय से अतिक्रमण बना हुआ है और साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ लोगों द्वारा वट वृक्ष के आसपास कब्जा कर लिया गया है, जिससे महिलाओं को पूजा करने में कठिनाई हुई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि गंदगी, बदबू और अव्यवस्था के बीच उन्हें किसी तरह पूजा संपन्न करनी पड़ी।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मदन मोहन गुप्त पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के प्रमुख धार्मिक स्थल की देखरेख नहीं की जा रही है। महिलाओं का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े स्थानों की नियमित सफाई और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
व्रती महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूजा स्थल को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
महराजगंज: वट सावित्री व्रत पर महिलाओं ने झेली बदहाली, अतिक्रमण और गंदगी के बीच की पूजा
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