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स्कूलों की लंबित कर आपत्तियों पर भड़की मेयर, एक सप्ताह निस्तारण करने के निर्देश

लखनऊ। शनिवार स्मार्ट सिटी सभागार में नगर निगम की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। महापौर ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूलों के एनुअल रेंटल वैल्यू (एआरवी) एवं जलकल कर से संबंधित लंबित आपत्तियों की समीक्षा की। महापौर सुषमा खर्कवाल ने इन मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर देते हुए नगर आयुक्त गौरव कुमार के माध्यम से सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों की सभी लंबित आपत्तियों का निस्तारण कर एक सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं कि उनके जोन में कोई भी आपत्ति लंबित नहीं है।

महापौर एवं नगर आयुक्त ने शहर में अतिक्रमण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। विशेष रूप से सीएम ग्रिड परियोजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। उन्होंने समस्त जोनल अधिकारियों को नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने, जुर्माना लगाने तथा शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा गया कि वे स्वयं क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करें और जहां भी गंदगी फैलाने वाले लोग मिलें, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। 

बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए नाला सफाई कार्यों की भी समीक्षा की गई। महापौर ने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नाला सफाई कार्य पूर्ण होने के उपरांत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें। इसके अलावा उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में प्राथमिकता तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि पहले उन क्षेत्रों में सड़कें बनाई जाएं जहां पहले से आबादी और मकान मौजूद हैं। खाली प्लॉट वाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण बाद में किया जाए। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक को संबोधित करते हुए माननीय महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों को बेहतर एवं सुगम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात शुरू होने से पहले सभी बड़े एवं छोटे नालों की सफाई तथा उनसे निकली सिल्ट का शत-प्रतिशत उठान हर हाल में पूरा कराया जाए, ताकि शहर में कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। महापौर ने कहा कि अतिक्रमण, गंदगी और अधूरे विकास कार्यों के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी जोनल अधिकारी नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करें, सीएम ग्रिड परियोजना के अंतर्गत विकसित सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखें तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। 

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और पहले उन क्षेत्रों में सड़कें बनाई जाएं जहां पहले से आबादी निवास कर रही है, ताकि अधिकाधिक नागरिकों को विकास कार्यों का लाभ मिल सके। बैठक में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, डॉ. अरविंद कुमार राव, मुख्य लेखा अधिकारी महामिलिंद लाल, जीएम जलकल कुलदीप सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी  अशोक सिंह, विनय कुमार राय, चीफ इंजीनियर (सिविल) महेश वर्मा, चीफ इंजीनियर (आरआर) मनोज प्रभात, समस्त जोनल अधिकारी एवं समस्त अधिशासी अभियंता उपस्थित रहे।

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