HomeHealth & Fitnessकेजीएमयू:बर्खास्त कर्मचारियों की अलमारियों से बरामद लाखों की दवाएं

केजीएमयू:बर्खास्त कर्मचारियों की अलमारियों से बरामद लाखों की दवाएं

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय,केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में हुए करोड़ों रुपये के दवा घोटाले की जांच अब बेहद नया मोड़ लें चुका है। सोमवार को जांच समिति की मौजूदगी में विभाग के बर्खास्त कर्मचारियों की तीन और अलमारियों के ताले तोड़े गए,जिसमें से करीब तीन लाख रुपये मूल्य की सरकारी दवाएं बरामद हुई हैं।इससे पहले भी एक बर्खास्त कर्मचारी की अलमारी से लगभग दो लाख रुपये की दवाएं मिल चुकी हैं। जांच समिति ने बरामद सभी दवाओं को अपने कब्जे में लेकर स्टॉक और खरीद रिकॉर्ड से उनका मिलान (क्रॉस-वेरिफिकेशन) शुरू कर दिया है।
सरकारी योजनाओं के बजट से खरीदी गई थीं दवाएं
शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ है,वह बेहद चौंकाने वाला है। बरामद की गई दवाएं किसी निजी फंड की नहीं, बल्कि गरीबों और जरूरतमंदों के लिए चलने वाली सरकारी योजनाओं के बजट से खरीदी गई थीं। जिसमें आयुष्मान भारत योजना,मुख्यमंत्री राहत कोष,प्रधानमंत्री राहत कोष,से ली गई थी। जो दवाएं गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए उनके बेड तक पहुंचनी चाहिए थीं, वे अस्पताल के कर्मचारियों की अलमारियों में ताले के पीछे क्या कर रही थीं ? जांच अधिकारी अब इस पूरे ‘ सप्लाई चेन ’ और इसमें शामिल चेहरों को बेनकाब करने में जुटे हैं।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि जांच समिति इस समय बरामद दवाओं, खरीद प्रक्रिया, वितरण रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर के एक-एक पन्ने को खंगाल रही है। डॉ. सिंह ने कहा इस जांच की आंच जहां तक जाएगी, कार्रवाई उतनी ही सख्त होगी। यदि इस पूरे नेक्सस ,गठबंधन में केजीएमयू के कुछ अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 
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