HomeUncategorizedमिशन शक्ति–5 (द्वितीय चरण): 06 स्थानों पर 700 से अधिक महिलाओं-बालिकाओं का...

मिशन शक्ति–5 (द्वितीय चरण): 06 स्थानों पर 700 से अधिक महिलाओं-बालिकाओं का ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ आयोजित, जागरूकता, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण का दिया प्रभावी संदेश”*

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित *मिशन शक्ति फेज–5 (द्वितीय चरण)* के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक *श्री राहुल भाटी* के कुशल निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक *श्री चंद्रकेश सिंह* के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारीगणों के पर्यवेक्षण में जनपद श्रावस्ती के समस्त थानों की मिशन शक्ति टीमों एवं शक्ति मोबाइल टीम द्वारा “बहू-बेटी सम्मेलन” का प्रभावी आयोजन किया गया।

अभियान के अंतर्गत जनपद के *06 विभिन्न स्थानों पर 700 से अधिक* महिलाओं एवं बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, संवैधानिक अधिकारों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार कर उन्हें सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना रहा।

जनपद के *थाना कोतवाली भिनगा, मल्हीपुर, सोनवा, हरदत्तनगर गिरंट, गिलौला, इकौना, सिरसिया, नवीन मॉडर्न, महिला थाना एवं शक्ति मोबाइल टीम* द्वारा आयोजित सम्मेलनों में आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, गृहिणियां, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाएं तथा किशोरियां बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को *मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष* सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित किया गया।

महिलाओं एवं बालिकाओं को *साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न एवं आपात स्थितियों से बचाव* के संबंध में विस्तारपूर्वक जागरूक करते हुए *वूमेन पावर लाइन-1090, महिला हेल्पलाइन-181, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, एम्बुलेंस-108, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, स्वास्थ्य सेवा-102, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 एवं साइबर हेल्पलाइन-1930* की जानकारी प्रदान की गई।

साथ ही उन्हें *साइबर हेल्प डेस्क, CCTNS/UPCOP ऐप एवं मिशन शक्ति केंद्रों* की सेवाओं से अवगत कराते हुए इनके उपयोग के लिए प्रेरित किया गया तथा जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए गए।

किशोरियों को *बाल विवाह, दहेज प्रथा, गुड टच-बैड टच एवं साइबर अपराध* जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करते हुए उन्हें शिक्षा, आत्मरक्षा एवं आत्मसम्मान को जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

मिशन शक्ति टीमों एवं महिला बीट अधिकारियों द्वारा महिलाओं को *आत्मरक्षा के सरल एवं प्रभावी उपाय* सिखाए गए तथा उन्हें समाज में निर्भीक होकर अपनी बात रखने एवं किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया गया।

*श्रावस्ती पुलिस द्वारा मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से प्रत्येक महिला एवं बालिका तक सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण का संदेश निरंतर पहुंचाया जा रहा है।*

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments