बस्ती पुलिस ने ₹50,000 के इनामी वांछित मोटरसाइकिल चोर लालमन यादव को गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2019 से फरार चल रहा था। यह गिरफ्तारी कप्तानगंज पुलिस, एसओजी टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हुई। जानकारी के अनुसार, अभियुक्त लालमन यादव (पुत्र राम प्रकाश यादव, निवासी बनहा, थाना कप्तानगंज, जनपद बस्ती, उम्र लगभग 25 वर्ष) को 26 मार्च 2026 को महराजगंज ओवरब्रिज अंडरपास के समीप से पकड़ा गया। उस पर थाना कप्तानगंज में मु.अ.सं. 209/2019 के तहत धारा 419, 420, 467, 471, 413 आईपीसी के तहत मामला दर्ज है। इस मामले की पृष्ठभूमि 27 नवंबर 2019 की है, जब कप्तानगंज पुलिस और स्वाट टीम ने दीप नारायण यादव और अतुल पाठक को गिरफ्तार कर उनके पास से दो मोटरसाइकिलें और 1200 ग्राम गांजा बरामद किया था। पूछताछ के दौरान लालमन यादव और विजय कुमार चौधरी उर्फ टोनी का नाम सामने आया था। विजय कुमार के घर से सात चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई थीं। तभी से लालमन यादव फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था। अभियुक्त लालमन यादव का आपराधिक इतिहास गंभीर है। उस पर कप्तानगंज, कोतवाली बस्ती, थाना पैकोलिया और थाना दुबौलिया सहित विभिन्न थानों में कुल 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में चोरी, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। इस सफल गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव, एसओजी प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार यादव, उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल अभय उपाध्याय, हेड कांस्टेबल सतीश सिंह (सर्विलांस सेल), हेड कांस्टेबल शिवम यादव और कांस्टेबल चंदन भारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
#बस्ती_न्यूज
#बस्ती न्यूज़ टुडे
इनामी बाइक चोर गिरफ्तार:2019 से फरार आरोपी पर 13 मुकदमे दर्ज
पेट्रोल पंपों पर घंटों लाइन में लगे उपभोक्ता:डीजल-पेट्रोल की कमी, प्रशासन के दावे बेअसर
जनपद में डीजल और पेट्रोल की कमी को लेकर प्रशासन के दावे बेअसर साबित हो रहे हैं। गुरुवार सुबह से ही शहर के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जहां उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद ही ईंधन मिल पा रहा है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोल बिक्री की मात्रा सीमित कर दी और पंपों पर पुलिस बल तैनात किया। कस्बे के दो पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि एक अन्य पेट्रोल पंप पर केवल एक ही टंकी से ईंधन दिया जा रहा है। नगर के इंडियन पेट्रोल पंप आलोक ट्रेडिंग कंपनी और अगनुपुरवा तिराहे स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। वहीं, विनोद ट्रेडिंग कंपनी और शिवपुर रोड के पेट्रोल पंप पर ईंधन न होने के कारण उपभोक्ता निराश होकर लौट रहे हैं। भीड़ और अफवाहों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने मोटरसाइकिल के लिए 200 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 2000 रुपये तक के पेट्रोल की सीमा तय कर दी है। इसके अतिरिक्त, डिब्बे या बोतलों में पेट्रोल देने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि लोग अनावश्यक रूप से तेल का भंडारण न करें। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही तेल खरीदें और पंप द्वारा निर्धारित मात्रा के अनुसार ही अपनी गाड़ियों में ईंधन डलवाएं। वहीं, प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने लाउडस्पीकर के माध्यम से जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ लगाने या अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘जगन को जान से मारना बड़ी बात नहीं होगी…’, केंद्रीय मंत्री के बयान पर मचा बवाल
केंद्र सरकार में मंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेता पेम्मासानी चंद्रशेखर के एक बयान पर खलबली मच गई है। वाईएसआर कांग्रेस (YSR कांग्रेस) के मुखिया और पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी के बारे में उन्होंने कह दिया कि अगर वह चंद्रबाबू नायडू के बारे में ऐसी बातें करते रहे तो जरूरत पड़ने पर जगन को जान से मारना भी बहुत मुश्किल नहीं होगा। अब उनके इस बयान पर YSR कांग्रेस ने कड़ा एतराज जताया है और कहा है कि पेम्मासानी केंद्रीय मंत्री बनने के लायक नहीं हैं।
इस खबर को अपडेट किया जा रहा है।
36 साल का लंबा इंतजार खत्म! फिर खुला श्रीनगर का रघुनाथ मंदिर, 1990 में आतंकियों ने तोड़ी थीं मूर्तियां
36 साल बाद, जम्मू-कश्मीर के रघुनाथ मंदिर में फिर से रौनक लौट आई है. 36 साल में यह पहली बार है जब यहां राम नवमी का उत्सव मनाया जा रहा है. फतेह कदल (डाउनटाउन श्रीनगर) में विस्ता (झेलम) नदी के किनारे स्थित, ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर बुधवार शाम को श्री राम नवमी से पहले रोशनी से जगमगा उठा. मंदिर की घंटियां बजने लगीं, और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ हवन की सुगंध ने पूरे वातावरण को एक दिव्य महक से भर दिया. आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में और विस्तार से….
1990 में, आतंकियों ने रघुनाथ मंदिर पर हमला किया और उसे तबाह दिया था. इसके बाद कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हो गया, और तब से यह मंदिर वीरान पड़ा था. पिछले 36 सालों से, मंदिर में एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी.
36 साल बाद, भक्त मंदिर में वापस लौटे. श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही और राम नवमी के दिन मंदिर में खूब चहल-पहल नजह आई. माहौल किसी मेले जैसा लग रहा है. यह वही मंदिर है जिसे आतंकियों ने 1990 में तबाह कर दिया था. निज़ाम-ए-मुस्तफ़ा के नारे लगाते हुए, आतंकवादी मंदिर में घुस आए थे, उन्होंने मंदिर को लूटा, मूर्तियों को तोड़ दिया और झेलम नदी में फेंक दिया था
रघुनाथ मंदिर का इतिहास
कश्मीर में आतंकवादी हिंसा का दौर शुरू होने से पहले, श्रीनगर का ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर हिंदू समुदाय की सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र हुआ करता था, मंदिर परिसर में एक स्कूल और एक विशाल पुस्तकालय भी था. घाटी के सबसे बड़े और सबसे शानदार मंदिरों में से एक, श्री रघुनाथ जी मंदिर का निर्माण महाराजा गुलाब सिंह ने 1835 में शुरू करवाया था. उनकी मृत्यु के बाद, 1860 में उनके पुत्र और उस समय जम्मू और कश्मीर के शासक, महाराजा रणबीर सिंह ने इस कार्य को पूरा किया
1990 के दशक की शुरुआत में, हमलावरों ने सबसे पहले मंदिर परिसर के भीतर स्थित एक स्कूल और साथ ही मंदिर की धर्मशाला (तीर्थयात्रियों के ठहरने की जगह) में आग लगा दी थी. आतंकियों ने विद्वानों को मंदिर में पूजा-अर्चना करने से रोक दिया था. लेकिन, जब भक्तों ने मंदिर आना बंद नहीं किया, तो पूरे मंदिर में आग लगा दी गई और बाद में उसे ढहा दिया गया.
रघुनाथ मंदिर क्यों है प्रसिद्ध
जम्मू में स्थित रघुनाथ मंदिर अपनी भव्यता, वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, और यह उत्तरी भारत के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में से एक है. डोगरा शासकों महाराजा गुलाब सिंह (1835) और उनके पुत्र रणबीर सिंह (1860) द्वारा निर्मित, यह मंदिर भगवान राम (रघुनाथ) को समर्पित है. इसकी मुख्य विशेषताओं में सोने से मढ़े हुए शिखर, सात संकेंद्रित शिखर (मीनारें), लाखों शालिग्राम, और दुर्लभ पांडुलिपियों का एक विशाल पुस्तकालय शामिल हैं.
बेटी जन्म लेते ही क्यों बदल देती है घर की किस्मत? क्यों कहा जाता है बेटी लक्ष्मी है, गरुड़ पुराण में छिपा है रहस्य
कभी आपने गौर किया है. कुछ घरों में बेटी के जन्म के बाद अचानक हालात बदलने लगते हैं? कभी आर्थिक स्थिति सुधरती है, तो कभी घर का माहौल पहले से ज्यादा शांत और खुशहाल हो जाता है. कई लोग इसे सिर्फ संयोग मानते हैं, लेकिन ज्योतिष की नजर से देखें तो यह एक खास संकेत माना जाता है. हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि बेटी सिर्फ संतान नहीं, बल्कि शुभ ऊर्जा का आगमन होती है. खासकर जब उसकी कुंडली में कुछ विशेष ग्रह योग बनते हैं, तो उसका जन्म पूरे परिवार की किस्मत को नई दिशा दे सकता है.
ज्योतिष में बेटी का जन्म: सिर्फ संयोग नहीं संकेत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर जन्म का एक उद्देश्य और प्रभाव होता है. जब किसी घर में बेटी जन्म लेती है, तो उसकी कुंडली में मौजूद ग्रह-नक्षत्र उस परिवार के भाग्य से जुड़ जाते हैं. कई ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि अगर लड़की की कुंडली में चंद्रमा, शुक्र और गुरु मजबूत स्थिति में हों, तो वह घर के लिए सुख, समृद्धि और शांति लेकर आती है. यही वजह है कि पुराने समय में भी बेटी को “लक्ष्मी का रूप” कहा जाता था.
कौन से ग्रह बनाते हैं बेटी को भाग्यशाली
चंद्रमा और शुक्र का प्रभाव
जब किसी लड़की की कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है, तो वह घर में भावनात्मक संतुलन लेकर आती है. परिवार के सदस्यों के बीच समझ और अपनापन बढ़ता है. वहीं शुक्र ग्रह को सुख और वैभव का कारक माना जाता है, अगर शुक्र मजबूत हो, तो यह संकेत देता है कि उस लड़की के आने से घर में आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है.
गुरु का आशीर्वाद
गुरु ग्रह ज्ञान, समृद्धि और भाग्य का प्रतीक है, अगर बेटी की कुंडली में गुरु शुभ स्थिति में हो, तो वह परिवार के लिए उन्नति के रास्ते खोलती है. कई बार देखा गया है कि ऐसी बेटियां पढ़ाई या करियर में आगे बढ़कर पूरे परिवार की पहचान बदल देती हैं.
घर में सकारात्मक ऊर्जा कैसे बढ़ती है
ज्योतिष सिर्फ ग्रहों तक सीमित नहीं है, यह ऊर्जा के प्रवाह को भी समझता है. बेटियां स्वभाव से संवेदनशील और संतुलित होती हैं, जिससे घर का माहौल हल्का और सकारात्मक बना रहता है. आपने अक्सर सुना होगा कि “बेटी के आने से घर बस जाता है” यह सिर्फ कहावत नहीं, बल्कि एक अनुभव है जिसे कई परिवार महसूस करते हैं.
वास्तविक जीवन से जुड़ी झलक
मध्य प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में रहने वाले एक परिवार की कहानी इस बात को समझने में मदद करती है. घर में लगातार आर्थिक परेशानियां चल रही थीं, लेकिन बेटी के जन्म के कुछ ही समय बाद पिता को नई नौकरी मिली और धीरे-धीरे हालात सुधरने लगे. परिवार इसे भाग्य का खेल मानता है, जबकि ज्योतिष इसे उस बच्ची की कुंडली में बने शुभ योगों से जोड़ता है.
क्या हर बेटी बदल देती है किस्मत?
यह जरूरी नहीं कि हर बेटी के जन्म के साथ तुरंत बड़े बदलाव दिखें. ज्योतिष यह कहता है कि बदलाव धीरे-धीरे भी आ सकते हैं. असल में, बेटी का प्रभाव उसकी कुंडली, परिवार की कुंडली और घर के वातावरण-तीनों के मेल पर निर्भर करता है. इसलिए इसे अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक संभावित ऊर्जा के रूप में समझना चाहिए.
समाज में क्यों जुड़ी है “लक्ष्मी” की मान्यता
हमारे समाज में बेटी को देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है. इसका संबंध सिर्फ आस्था से नहीं, बल्कि अनुभव से भी है. पुराने समय में जब किसी घर में बेटी जन्म लेती थी और उसके बाद समृद्धि आती थी, तो लोगों ने इसे एक परंपरा के रूप में स्वीकार कर लिया. धीरे-धीरे यह मान्यता बन गई कि बेटी अपने साथ खुशहाली लाती है.
मानसिकता का बदलना भी जरूरी
ज्योतिष चाहे जो कहे, असली बदलाव तब आता है जब परिवार की सोच सकारात्मक हो, अगर बेटी को प्यार, शिक्षा और अवसर मिलते हैं, तो वह खुद ही घर की किस्मत बदलने की ताकत रखती है.
आज कई उदाहरण सामने हैं जहां बेटियां अपने परिवार का सहारा बन रही हैं-चाहे वह नौकरी हो, बिजनेस हो या सामाजिक पहचान.
बेटी का जन्म सिर्फ एक पारिवारिक घटना नहीं, बल्कि एक नई ऊर्जा का आगमन है. ज्योतिष इसे ग्रहों के संकेत से जोड़ता है, जबकि समाज इसे अनुभव के रूप में देखता है. सच शायद दोनों के बीच कहीं है, अगर सही नजरिए से देखा जाए, तो बेटी अपने साथ सिर्फ खुशियां ही नहीं, बल्कि संभावनाओं का एक नया दौर भी लेकर आती है.
श्रावस्ती में पेट्रोल-डीजल पम्पों पर उमड़ी भीड़:अफवाहों के कारण लगीं लंबी कतारें, प्रशासन ने की अफवाह से बचने की अपील
श्रावस्ती में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के कारण बुधवार को पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इकौना और गिलौला सहित विभिन्न स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। इससे पहले, इन दिनों रसोई गैस के लिए भी लंबी लाइनें लग रही थीं। नेशनल हाईवे पर स्थित इकौना और गिलौला के पेट्रोल पंपों पर मंगलवार देर शाम से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी, जो बुधवार सुबह भी जारी रही। लोग अपने वाहनों की टंकियां फुल कराने के लिए पहुंचे, जिससे पंपों पर भारी दबाव देखा गया। स्थिति यह रही कि बाइक, कार, ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया वाहन चालकों की संख्या सर्वाधिक थी। किसानों ने भी डीजल की संभावित कमी की आशंका के चलते अपने ट्रैक्टरों में ईंधन भरवाने के लिए पंपों का रुख किया, जिससे भीड़ और बढ़ गई। हालांकि,कुछ ग्रामीण इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य रही। वहां कई पेट्रोल पंपों पर न तो लंबी कतारें दिखीं और न ही आपूर्ति में कोई बाधा सामने आई। बावजूद इसके, ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों में पेट्रोल-डीजल भरवाने को लेकर उत्सुकता बनी रही। जानकारों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि अफवाहों के कारण लोग एहतियातन ईंधन भरवाने पहुंच रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
’10 दिन नहीं होंगे हमले’, ईरान पर ट्रंप का एलान, अभी भी गिर रही हैं मिसाइल
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया था कि वह ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला रोक रहे हैं। इसके बाद ईरान ने उनका मजाक भी उड़ाया था। अब डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कहा है कि वह ईरानी सरकार के अनुरोध पर 10 दिन के लिए हमले रोक रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा है कि तमाम फेक न्यूज फैलाए जाने के बावजूद ईरान से अच्छी बातचीत हो रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका तो प्रयास कर रहा है लेकिन जिन देशों पर इसकी वजह से ज्यादा असर पड़ रहा है वे कुछ भी नहीं कर रहे हैं। इस सबसे इतर अभी भी ईरान के आसपास के देशों में हमले जारी हैं। ये हमले ईरान या इजरायल की ओर से किए जा रहे हैं। सऊदी अरब में कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया है और लेबनाने के बेरूत में भी मिसाइल गिर रही हैं।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ही कहा था कि ईरान की ओर से बातचीत करने वाले लोग बेहद अजीब और अलग हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के लोग डील करने की भीख मांग रहे जबकि यह काम उन्हें करना चाहिए क्योंकि उनकी सेना तबाह हो गई है और उनके पास कमबैक का कोई मौका नहीं बचा है। एक तरफ शांति की बात करके 5 दिन या 10 दिन तक हमले रोकने का एलान करने वाले ट्रंप के बारे में कहा जा रहा है कि वह जमीनी हमले की तैयारी भी कर रहे हैं। चर्चा है कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तों पर राजी नहीं होता है तो ट्रंप जमीनी हमले का आदेश दे सकता है।
यह भी पढ़ें: फंस गया पेच, चाहकर भी अमेरिका के साथ समझौता क्यों नहीं कर सकता ईरान?
डोनाल्ड ट्रंप ने अब क्या कहा?
पहले ईरान को धमकाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, ‘ईरानी सरकार के अनुरोध पर मैं यह बताना चाहता हूं कि मैंने उनके पावर प्लांट्स की तबाही को 10 दिन के लिए यानी 6 अप्रैल 2026 के रात 8 बजे तक के लिए रोक दिया है। बातचीत अभी भी जारी है और फेक न्यूज मीडिया और अन्य लोगों की फर्जी बातों से इतर, अच्छी बातचीत हो रही है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।’
जारी है युद्ध
डोनाल्ड ट्रंप के इस एलान के बावजूद इजरायल या ईरान की ओर से नरमी नहीं दिखाई जा रही है। इजरायल लगातार लेबनान में हमले कर रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने दक्षिणी बेरूत में हमले किए हैं। लेबनान के अलावा सऊदरी अरब में भी दर्जनों ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए हैं। इजरायल ने भी कहा है कि उसने ईरान से आने वाली मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। कुवैत का भी कहना है कि वह अपने ऊपर हो रहे मिसाइल और ड्रोन अटैक का जवाब लगातार दे रहा है।
यह भी पढ़ें: मॉल और पेट्रोल पंप पर भी मिलेगी शराब, देश के इस शहर में मिली मंजूरी
वहीं, इजरायल के हाइफा शहर में फाइटर जेट फ्यूल टैंक पर हुई ईरानी हमले के बाद इजरायल की ओर से भी पलटवार किया जा रहा है। इससे पहले ईरानी नेवी के कमांडर एडमिरल अलीरेजा तांगसिरी को मार गिराने का दावा इजरायल की ओर से किया गया था। अब अमेरिका ने भी इसी दावे को दोहराया है।
29 मार्च तक झेलनी पड़ेगी मौसम की मार, धूल भरी आंधी, बारिश और ओले का अलर्ट जारी
देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम का मिजाज पहले से ही बदला हुआ है और यह सिलसिला आज यानी की 27 मार्च को भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर बारिश और आंधी चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। इसके सात ही पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश की संभावना है और दक्षिण भारत में अब तापमान में बढ़ोतरी लोगों को परेशान कर सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज 27 मार्च को दिल्ली के आसमान में बादल छाए रहेंगें। सुबह से दोपहर के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है लेकिन ज्यादातर जगहों पर हल्की बूंदाबांदी के ही आसार हैं। दिल्ली में अगले 3-4 दिन तक मौसम खराब रहने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च को दिल्ली-एसीआर में आंधी चल सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
यह भी पढ़ें: ट्रांसजेंडर: संसद से इतिहास के पन्नों तक, कहानी अनसुनी क्यों रही?
इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने का सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत के राज्यों में देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के राज्यों में लगातार बारिश और बादलों की आवाजाही जारी है। हरियाणा में तो कई जगहों पर ओले गिरने से किसानों की फसल भी खराब हो गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 मार्च तक उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम खराब रहने के संकेत हैं। आज से 2 मार्च तक पंजाब, हरियाणा और राजधानी चंडीगढ़ में धूल भरी आंधी और बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में भी अगले 24 घंटें में बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसका असर राज्य के कई हिस्सों पर दिखाई दे रहा है। जोधपुर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और शेखावटी संभाग के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
यह भी पढ़ें: MP में CM के कार्यक्रम से लौट रही बस का एक्सीडेंट, 10 की मौत और 31 घायल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा, जिससे कई जिलों में आंधी-बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 27, 28 और 29 मार्च को आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, संभल, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में 40 से 50 की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड में भी बारिश होने की संभावना है और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश, बर्फबारी और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, मंडी समेत कई जिलों में मौसम में बदलाव जारी है। 28 मार्च को एक बार फिर मौसम में बदलाव होगा और बारिश-बर्फबारी की गतिविधियां होंगी।
यह भी पढ़ें: मॉल और पेट्रोल पंप पर भी मिलेगी शराब, देश के इस शहर में मिली मंजूरी
पूर्वोत्तर भारत में खराब मौसम
पूर्वोत्तर भारत में मौसम कई दिनों से खराब है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में खराब मौसम के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगास, सिक्किम, असम और मेघालय में भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है। वहीं, दक्षिण भारत में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। बारिश का कोई भी अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इसके साथ ही तापमान बढ़ने की संभावना है लेकिन लू का अलर्ट नहीं है।
बढ़नी में चैत्र नवरात्र में सजे बाजार:चुनरी 20 से 100 रुपए, माता की पोशाक 25 से 500 रुपए तक
सिद्धार्थनगर के बढ़नी में चैत्र नवरात्र के महापर्व पर बाजार सज गए हैं। शक्ति की उपासना के इस पर्व में श्रद्धालुओं द्वारा पूजन सामग्री की जमकर खरीदारी की जा रही है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को आकर्षक रूप से सजाया है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया है। नवरात्र के अंतिम दिनों में भी माता रानी की पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु बाजारों में भारी भीड़ देखी जा रही है। इससे स्थानीय बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। माता की चुनरी, नारियल, श्रृंगार का सामान और मिट्टी के बर्तनों की बिक्री में विशेष तेजी आई है। पूजन सामग्री की दुकानों पर मां के श्रृंगार के साथ-साथ व्रत सामग्री की भी मांग बढ़ी है। गुरुवार सुबह से ही दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। नगर के दुर्गा मंदिर के पास और बाजार में स्थित दुकानदारों ने बताया कि नवरात्र को देखते हुए नारियल, सुपारी सहित अन्य पूजन सामग्री मंगाई गई है। चुनरी, माता की तस्वीर, कलश, अगरबत्ती, धूप, कपूर आदि भी उपलब्ध हैं। माता की चुनरी 20 रुपये से 100 रुपये तक, जबकि माता की पोशाक 25 रुपये से 500 रुपये तक मिल रही है। नवरात्र के दौरान बाजारों में रौनक बढ़ गई है। शहर समेत विभिन्न चौराहों और बाजारों में माता की मूर्तियों की दुकानें भी सज गई हैं। छोटी मूर्तियों से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक की बिक्री तेज हो गई है। इस बार बाजार में माता की मूर्तियां 50 रुपये से 300 रुपये तक बिक रही हैं, जबकि पीतल के दीपक 20 रुपये से 450 रुपये तक उपलब्ध हैं। इन्हें खरीदने के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
बलरामपुर में मोटरसाइकिल-साइकिल भिड़ंत में महिला की मौत:दो घायल, गैसड़ी में हुआ हादसा
गैसड़ी थाना कोतवाली क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 5 बजे भाभर नाले के पास मोटरसाइकिल और साइकिल की भिड़ंत में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैसड़ी में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला की पहचान सड़वा ग्राम पंचायत निवासी मालती चौहान (38) के रूप में हुई है। उनके पति बड़कऊ चौहान (40) भी इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। दोनों पति-पत्नी पचपेड़वा विकासखंड के रामनगर ईंट भट्ठे पर काम करते थे और गैसड़ी से बाजार करके वापस लौट रहे थे। घायल बड़कऊ चौहान ने बताया कि भाभर नाले से पहले एक मोटरसाइकिल सवार ने पीछे से टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस द्वारा तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैसड़ी लाया गया। वहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक अरविंद कुमार ने मालती चौहान को मृत घोषित कर दिया। मोटरसाइकिल चालक की पहचान श्याम नारायण तिवारी के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय शैलेश कुमार तिवारी के पुत्र और सकल्दा, थाना पचपेड़वा के निवासी हैं। वह गैसड़ी विकासखंड के भोजपुर थारू स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में वार्ड बॉय के पद पर तैनात हैं। श्याम नारायण तिवारी अस्पताल बंद करके अपने घर सकल्दा लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। ग्राम प्रधान सकल्दा अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि श्याम नारायण तिवारी करीब 10 वर्षों से भोजपुर थारू में तैनात थे और प्रतिदिन ड्यूटी के बाद अपने घर लौटते थे। दुर्घटना में घायल हुए दोनों लोगों का इलाज गैसड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक गुलाब शाही ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच की जा रही है।
मदरसे के पास कूड़ा फेंके जाने से ग्रामीण परेशान:सिंदुरिया में दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल, संक्रमण का खतरा
महराजगंज जनपद के सिंदुरिया ग्राम सभा में मदरसे के पास लगातार कूड़ा फेंके जाने से स्थानीय ग्रामीण और राहगीर परेशान हैं। गंदगी के कारण पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। स्थिति यह है कि आसपास का वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, और कूड़े का ढेर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। गांव के निवासी दुर्गेश, विनय, रियाजुद्दीन और आत्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने जल्द से जल्द कूड़ा हटवाने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण ग्रामीणों को गंदगी और बदबू के बीच जीवन यापन करना पड़ रहा है।
बस्ती में जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद:एडीएम ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की
बस्ती में ईंधन की कमी की अफवाहों के बीच प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार दोपहर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) प्रतिपाल सिंह चौहान और नायब तहसीलदार पूजा वर्मा ने वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के भुजैनिया स्थित एक पेट्रोल पंप का औचक निरीक्षण किया। ईंधन खत्म होने की भ्रामक खबरों के कारण भुजैनिया पंप पर दोपहर में दोपहिया और चार पहिया वाहनों की भारी भीड़ जमा हो गई। लंबी कतारों से अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। एडीएम ने मौके पर भीड़ को शांत कराया और पंप संचालक को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को कतारबद्ध तरीके से ही पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। निरीक्षण के बाद एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि जिले में डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने जनता से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। एडीएम ने लोगों से अनावश्यक रूप से ‘पैनिक बुकिंग’ न करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन आपूर्ति श्रृंखला की निरंतर निगरानी कर रहा है और कहीं भी ईंधन की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। इस अवसर पर राजस्व निरीक्षक शक्ति शरण यादव और लेखपाल मोहित श्रीवास्तव सहित अन्य विभागीय कर्मचारी भी उपस्थित थे।
#बस्ती_न्यूज
#बस्ती न्यूज़ टुडे
कामदा एकादशी कब है? सुबह में भद्रा का साया, तो कैसे होगी पूजा, जानें तारीख, मुहूर्त, व्रत पारण का समय
कामदा एकादशी का व्रत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. यह चैत्र का अंतिम एकादशी व्रत है. इस बार की कामदा एकादशी पर भद्रा का साया है, इस भद्रा का वास धरती पर है, इसलिए इस समय में कोई शुभ कार्य न करें. कामदा एकादशी का व्रत रखकर भगवान पूजा की पूजा करने से पाप और दोष मिटते हैं, राक्षस योनि से मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं कि कामदा
एकादशी
कब है? कामदा एकादशी का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
कामदा एकादशी 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, कामदा एकादशी के लिए चैत्र शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ 28 मार्च को सुबह 8 बजकर 45 मिनट से है. यह तिथि 29 मार्च को सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक है. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च दिन रविवार को है.
कामदा एकादशी 2026 मुहूर्त
जो लोग कामदा एकादशी का व्रत रखेंगे, वे भगवान विष्णु की पूजा सुबह में 7 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट के बीच कर सकते हैं. इस समय में लाभ-उन्नति मुहूर्त 09:20 ए एम से 10:53 ए एम तक है और उसके बाद अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 10:53 ए एम से 12:26 पी एम तक रहेगा. उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 04:42 ए एम से 05:28 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:01 पी एम से 12:51 पी एम तक रहेगा.
कामदा एकादशी पर भद्रा का साया
इस साल कामदा एकादशी पर भद्रा का साया सुबह में 06:15 ए एम से है और इसका समापन सुबह 07:46 ए एम पर होगा.
कामदा एकादशी पर धृति योग
इस बार कामदा एकादशी के दिन धृति योग और अश्लेषा नक्षत्र है. धृति योग प्रात:काल से लेकर शाम 06:20 पी एम तक रहेगा, उसके बाद से शूल योग बनेगा. एकादशी पर अश्लेषा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 02:38 पी एम तक है, उसके बाद से मघा नक्षत्र है.
कामदा एकादशी 2026 पारण समय
कामदा एकादशी व्रत का पारण 30 मार्च दिन सोमवार को किया जाएगा. व्रत पारण का समय सुबह में 6 बजकर 14 मिनट से सुबह 7 बजकर 9 मिनट के बीच है. पारण वाले दिन द्वादशी का समापन सुबह 07:09 ए एम पर होगा.
आखिर मऊ के इस कुंड में ऐसा क्या चमत्कार है? स्नान करते ही दूर होती है चर्म रोग की समस्या, अनोखी मान्यता
उत्तर प्रदेश धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध माना जाता है और हर जिलों में विभिन्न प्रकार के मंदिर स्थापित हैं और हर मंदिरों का एक अलग ही विशेषता है. कहीं मंदिरों के देवी-देवताओं की विशेषता है, तो कहीं मंदिर के बाहर बने तालाब की अलग मान्यता है. उसी का उदाहरण है देवलास स्थित सूर्य मंदिर के बाहर बने सूर्य कुंड की कहानी. यहां इस सूर्यकुंड में जो स्नान करता है, उसकी हर प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं.
श्री राम के उपासना से बना यह सूर्यकुंड
कि यह स्थान महर्षि देवल मुनि की तपोस्थली माना जाता है, जिसके कारण इसका नाम देवलास पड़ा. भगवान राम ने वनवास के दौरान पहले दिन इसी स्थान पर विश्राम किया और सूर्य की उपासना की. इसलिए इसे बालार्क सूर्य मंदिर भी कहा जाता है.
बाल्मीकि की ओर से रचित रामायण में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि भगवान राम ने तमसा नदी के किनारे अपने पहले पड़ाव के रूप में इसी स्थान को चुना था. सूर्यकुंड को औषधि और धार्मिक महत्व प्राप्त है. ऐसी मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने से विभिन्न बीमारियों से मुक्ति मिलती है. विशेषकर चर्म रोग विशेष रूप से दूर होता है.
छठ पर्व पर विशेष महत्व
छठ पर्व पर इस तालाब में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और इसी तालाब में अर्ध देकर पूजा पाठ करते हैं, क्योंकि छठ पर्व पर सूर्यदेव की पूजा की जाती है और सूर्य कुंड को विशेष महत्व दिया जाता है. मान्यता है कि इस सूर्यकुंड में स्नान कर यहां बने देवल मुनि के मंदिर में पूजा पाठ करने से चर्म रोग जैसी बीमारियां दूर होती हैं.
मान्यता है कि सच्चे मन से इस तालाब में यदि आप एक बार भी स्नान कर पूजा-पाठ करते हैं, तो चर्म रोग जैसी आपकी बीमारी दूर हो सकती है. हालांकि यह आपकी आस्था के ऊपर महत्व रखता है कि आप यहां कब तक स्नान कर अपनी बीमारी से निजात पा सकते हैं.
रविवार को स्नान करने से दूर होता है चर्म रोग
सूर्यकुंड नाम से प्रसिद्ध तालाब में रविवार को स्नान करने से चर्म रोग दूर होता है. इस तालाब के साथ-साथ यहां अगल-बगल लगे नलकूपों के भी पानी में एक खास बात देखी जाती है. यदि इस पानी को कुछ देर तक बाहर रख दिया जाए, तो पानी में पीलापन होने लगता है, क्योंकि इस पानी में एक अलग ही गुण पाया जाता है, जिसकी वजह से चर्म रोग ठीक होने में मदद मिलती है.
इस तालाब के बगल में बने सूर्य मंदिर और विक्रमादित्य की चौखट की भी काफी मान्यता है. यहां सच्चे मन से पूजा-पाठ करने से मन्नतें पूरी होती हैं. यही वजह है कि यहां सात दिवसीय मेले का भी आयोजन किया जाता है. डाला छठ पर मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश की कोने-कोने से लोग आएंगे.
कंजिया सम्मय माता मंदिर में नवरात्रि अष्टमी पर दर्शन:बहराइच के प्रसिद्ध मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
बहराइच जिले के भग्गड़वा बाजार स्थित प्रसिद्ध कंजिया सम्मय माता मंदिर में नवरात्रि की अष्टमी पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगीं। यह मंदिर प्राचीन काल से ही एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिर में सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहता है। श्रद्धालु धूप, दीप और पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त कथा-भागवत का आयोजन भी करवाते हैं।

























