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पश्चिम एशिया के संकट से कैसे उबरेगा भारत? लोकसभा में PM मोदी ने बताया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के तनाव पर पहली बार संसद में संबोधित दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि प्रभावित देशों में काम कर रहे मिशन, भारतीयों की मदद कर रहे हैं। पर्यटकों से लेकर वहां काम कर रहे लोगों को मदद दी जा रही है। प्रभावित देशों में 24 घंटे निगरानी की जा रही है। सभी प्रभावित देशों को जरूरी जानकारियां दी जा रही है। देश-विदेश में भारतीयों की प्राथमिकता हमारी प्राथमिकता रही है। 3.75 से ज्यादा भारतीय लौट चुके हैं। ईरान से 1 हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, प्रभावित देशों में हर भारतीय को मदद दी गई है। मैंने ज़्यादातर पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से 2 बार फ़ोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। संघर्ष के दौरान कुछ लोगों की जान गई है और कुछ घायल हुए हैं।’

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नरेंद्र मोदी, प्रधानमत्री:-
‘मैं पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और इस कारण भारत में आई समस्या पर बात रखने के लिए उपस्थित हुआ हूं। वहां हालात चिंताजनक हैं। इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी की हैं।’

पश्चिम एशिया के तनाव को रोकने के लिए भारत क्या कर रहा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैंने सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है। नागरिक, एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट पर हमला करने की भारत निंदा करता है। ऐसे हमले मंजूर नहीं हैं। मैंने सभी से तनाव कम करने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर रोक की अपील भारत करता रहा है। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में आवाज उठाता रही है। बातचीत और कूटनीति से ही राह निकालने की कोशिश हो सकती है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:-
एक बड़ा सवाल यह है कि युद्ध का खेती पर क्या प्रभाव होगा। देश के किसानों ने हमारे अन्न के भंडार भर रखे हैं, इसलिए भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न है। हमारा यह भी प्रयास है कि खरीफ सीजन की ठीक से बुआई हो सके। सरकार ने बीते सालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए खाद की पर्याप्त व्यवस्था भी की है।

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किसानों की सुरक्षा के लिए क्या कर रही है सरकार?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश के किसानों को संकट से बचाने के लिए ऐसे कदम उठाए गए हैं। 76 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया उत्पादन भारत कर रहा है। भारत ने तेल और गैस की तरह खाद के आयात को भी बढ़ाया गया है। सरकार ने मैड इन नैनो यूरिया का विकल्प भी दिया है। सरकार किसानों को प्राकृतिक योजना के लिए भी प्रेरित कर रही है। किसानों को 22 लाख से ज्यादा सोलर पंप दिए गए हैं। डीजल पर उनकी निर्भरता कम हुई है। देश के किसानों को भरोसा दिलाता हूं सरकार किसानों की हर संभव मदद करती रहेगी।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश के किसानों ने अनाज भंडार भर रखा है। भारत के पास पर्याप्त अनाज है। सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए अनाज की पर्याप्त व्यवस्था की है। अतीत में भी भारत सरकार ने किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया था। युद्ध के दौरान वैश्विक चेन सप्लाई में बाधा आई थी। दुनिया के बाजार में यूरिया की कीमत 3 हजार पहुंच गई थी, तब भारतीय किसानों को 300 रुपये में यूरिया मिली।’

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होर्मुज पर क्या निकाल रहा है भारत?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘बीते दिनों हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं। संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी है, जो बहुत काम आ रही है। पिछले 11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्रॉन्डिग पर अभूतपूर्व काम हुआ है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘एक दशक पहले तक देश में सिर्फ एक से डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल बैंडिंग कैपसिटी थी। आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल बैंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं। इसके कारण प्रति वर्ष करीब साढ़े 4 करोड़ बैरल कम ऑयल इम्पोर्ट करना पड़ रहा है।’

सरकार का एथेनॉल प्लान क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:-
एक दशक पहले तक देश में सिर्फ एक से डेढ़ प्रतिशत एथेनॉल बैंडिंग कैपसिटी थी। आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल बैंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं। इसके कारण प्रति वर्ष करीब साढ़े 4 करोड़ बैरल कम ऑयल इम्पोर्ट करना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘बीते दिनों हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं। संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी है, जो बहुत काम आ रही है। पिछले 11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्रॉन्डिग पर अभूतपूर्व काम हुआ है।’

एंटीबायोटिक बेअसर, सुपरबग के खतरे से 2050 तक 80 लाख मौतों की आशंका


दुनिया भर में दवाओं के बेअसर होने यानी ‘एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस’ (AMR) का खतरा गहराता जा रहा है। दशकों से एंटीबायोटिक दवाओं ने लाखों लोगों की जान बचाई है लेकिन अब ये दवाएं बेअसर हो रही हैं। बैक्टीरिया, वायरस, फंगस जैसे सूक्ष्मजीवों ने खुद को इस तरह विकसित कर लिया है कि वे मौजूदा दवाओं को बेअसर कर देते हैं। हाल ही में आई ‘2026 एएमआर बेंचमार्क’ रिपोर्ट के मुताबिक, अगर हालात नहीं सुधरे तो साल 2050 तक इस वजह से हर साल करीब 80 लाख लोगों की जान जा सकती है। फिलहाल, हर साल लगभग 10 लाख लोग सीधे तौर पर इन सुपरबग्स का शिकार हो रहे हैं।

हालिया शोध और एक्सपर्ट्स की चेतावनी के अनुसार, यदि इस ओर तुरंत कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो 2050 तक हर साल लाखों मौतें होंगी। बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह खतरा सबसे अधिक है क्योंकि अस्पताल में मिलने वाले संक्रमण अब दवाओं से ठीक नहीं हो रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि हालांकि कंपनियां लड़ाई लड़ रही हैं लेकिन जिस रफ्तार से बीमारियां दवाओं को बेअसर कर रही हैं, उस मुकाबले नई दवाओं पर रिसर्च बहुत धीमी है।

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नई दवाओं की कमी और कुछ उम्मीदें

रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता कमजोर पाइपलाइन को लेकर जताई गई है, जिसका मतलब है कि बाजार में नई एंटीबायोटिक दवाएं बहुत कम आ रही हैं। बड़ी कंपनियां अब इंफेक्शन की दवाओं पर रिसर्च करने से पीछे हट रही हैं, जिसकी वजह से अब छोटी कंपनियों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है।

द लांसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 1990 से 2021 के बीच AMR की वजह से हर साल 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। आने वाले समय में यह आंकड़ा और भी डरावना होने वाला है। अनुमान है कि 2050 तक सुपरबग के कारण होने वाली कुल मौतों का आंकड़ा कई गुना तक पहुंच सकता है।

इस पूरे रिसर्च में एक अच्छी खबर यह है कि कुछ कंपनियों ने यूरिन इन्फेक्शन (UTI) के लिए करीब 30 साल बाद एक नई ओरल दवा तैयार की है। साथ ही, गोनोरिया जैसी बीमारी, जिस पर लगभग सभी दवाएं बेअसर हो चुकी थीं, उसके लिए भी नए विकल्प सामने आए हैं।

बच्चों के लिए दवाओं का संकट

रिपोर्ट एक और गंभीर समस्या की ओर इशारा करती है जिसमें कहा गया है कि बच्चों के लिए बेहतर दवाओं की कमी है। कम आय वाले देशों जैसे अफ्रीका के कई देश में बच्चों के हिसाब से बनी एंटीबायोटिक दवाएं उपलब्ध ही नहीं हैं। जब बच्चों को बड़ों वाली या अधूरी दवा दी जाती है, तो बैक्टीरिया और ज्यादा ताकतवर हो जाते हैं और दवाएं उन पर काम करना बंद कर देती हैं।

सुपरबग क्यों बन रहे हैं चुनौती?

  • दवाओं का दुरुपयोग: बिना डॉक्टर की सलाह के छोटी-मोटी बीमारियों (जैसे जुकाम-खांसी) में एंटीबायोटिक लेना।
  • कोर्स अधूरा छोड़ना: दवा का पूरा कोर्स न करने से बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते और दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं।
  • पशुपालन में उपयोग: मांस उत्पादन बढ़ाने के लिए जानवरों को दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं भोजन के जरिए इंसानों तक पहुंच रही हैं।

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इसका क्या होगा असर?

अगर एंटीबायोटिक काम करना बंद कर दें, तो सिजेरियन डिलीवरी, हिप रिप्लेसमेंट, कैंसर की कीमोथेरेपी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सामान्य प्रक्रियाएं भी जानलेवा हो जाएंगी क्योंकि संक्रमण को रोकने का कोई तरीका नहीं बचेगा।

आगे की राह

विश्लेषण से पता चला है कि 2021 के मुकाबले फार्मा इंडस्ट्री का प्रदर्शन इस क्षेत्र में थोड़ा गिरा है। रिपोर्ट का साफ कहना है कि कोई भी कंपनी या सरकार अकेले इस ‘सुपरबग’ से नहीं लड़ सकती। इसके लिए सरकारों को भी निवेश बढ़ाना होगा और कंपनियों को मुनाफे से हटकर दुनिया को बचाने के लिए नई दवाओं और उनकी सप्लाई पर ध्यान देना होगा।

ईरान का बड़ा दावा, होर्मुज के पास मार गिराया दुश्मन का F-15 फाइटर जेट


मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार, उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग करके देश के दक्षिणी तट और होर्मुज के पास एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। यदि यह दावा सच साबित होता है तो इसे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के साथ जारी टकराव में एक महत्वपूर्ण घटना माना जाएगा।

ईरान की सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस एडवांस जेट को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया। साथ ही, एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम के जेट को लॉक करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अमेरिका या उसके सहयोगी देशों की तरफ से अभी तक इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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ईरान द्वारा जारी वीडियो को सबूत बताया जा रहा है लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। खास बात यह है कि F-15 जेट सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब, इजरायल और कतर जैसे देशों के पास भी मौजूद हैं। ऐसे में यह साफ नहीं है कि कथित तौर पर गिराया गया जेट किस देश का था।

इससे पहले भी ईरान ने अमेरिका के अत्याधुनिक F-35 लाइटनिंग-II फाइटर जेट को निशाना बनाने का दावा किया था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने सिर्फ यह स्वीकार किया था कि एक F-35 को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी और पायलट सुरक्षित था। इस मामले की जांच अभी जारी है।

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लगातार बढ़ रहा क्षेत्रीय तनाव

पिछले कुछ हफ्तों में मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। 1 मार्च को ऐसी खबरें सामने आईं कि कुवैत के हवाई रक्षा तंत्र द्वारा गलती से तीन F-15E स्ट्राइक ईगल जेट विमानों को मार गिराया गया। इसके अलावा, तकनीकी कारणों से एक अमेरिकी KC-135 रीफ्यूलिंग विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने इजराइल के एक F-16 जेट को निशाना बनाया है, हालांकि इन दावों की भी पुष्टि नहीं हो पाई है। इन घटनाओं के बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और दुनिया की नजरें अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

जनगणना में खुद ही भर पाएंगे अपनी डीटेल, जान लीजिए सबसे आसान तरीका


भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना के इतिहास में एक आधुनिक बदलाव होने जा रहा है। अब आपको अपने घर के दरवाजे पर जनगणना अधिकारी के आने और लंबी पूछताछ का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए खास ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ पोर्टल लॉन्च किया है जिसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में इस महा-अभियान के लिए चार डिजिटल टूल लॉन्च किए। यह दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल जनगणना अभ्यास होगा, जिसे पूरी तरह से पेपरलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की सबसे बड़ी जनगणना को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगा।

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क्या है सेल्फ-एन्युमरेशन और कैसे मिलेगा फायदा?

सेल्फ-एन्युमरेशन का मतलब है कि अब नागरिक खुद सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की जानकारी भर सकते हैं। पहले जहां सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करते थे अब लोग मोबाइल, कम्प्यूटर या लैपटॉप से यह काम खुद कर सकेंगे।

इसके लिए यूजर को अपने मोबाइल नंबर से लॉग-इन करना होगा और पूछे गए सवालों के जवाब भरने होंगे। जानकारी जमा करने के बाद एक यूनिक आईडी (SE ID) जारी होगी। जब जनगणना अधिकारी घर आएगा तो इसी ID के आधार पर वह जानकारी की पुष्टि करेगा।

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यह पोर्टल 16 भाषाओं को सपोर्ट करता है। जिसमें असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू और उर्दू शामिल है।

दो चरणों में होगी पूरी जनगणना प्रक्रिया

यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। इस चरण में 33 बिंदुओं पर डेटा इकट्ठा किया जाएगा।

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दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें देश की आबादी से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली जाएगी। इसमें उम्र, आर्थिक स्थिति और पहली बार जाति से संबंधित डेटा भी शामिल किया जाएगा। पूरे देश के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 तय की गई है।

इस महाअभियान के लिए सरकार ने 11,718 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया है और करीब 30 लाख अधिकारी व कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। खास बात यह है कि इस बार लिंग श्रेणी में ट्रांसजेंडर को भी आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है।

अमित शाह ने लॉन्च किए ये डिजिटल प्लेटफॉर्म

सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के साथ अमित शाह ने तीन और डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए। पहला हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर है, जो एक वेब-मैप ऐप है। इसकी मदद से अधिकारी सैटेलाइट इमेज के जरिए अपने-अपने क्षेत्रों की सीमाएं तय कर सकते हैं। दूसरा HLO मोबाइल ऐप है, जिसका इस्तेमाल एन्यूमरेटर फील्ड में डेटा जुटाने और अपलोड करने के लिए करेंगे। यह ऐप ऑफलाइन भी काम करता है।

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तीसरा प्लेटफॉर्म सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) है, जो एक केंद्रीय डैशबोर्ड की तरह काम करता है। इसके जरिए अधिकारी रियल टाइम में जनगणना की प्रगति पर नजर रख सकते हैं। HLO ऐप Android और iOS पर 16 भाषाओं में उपलब्ध है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने के लिए पहले CMMS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

भारत में बढ़ा स्लीप डिवोर्स का ट्रेंड, कपल्स क्यों चाहते हैं अलग-अलग सोना?


इन दिनों कपल्स के बीच में स्लीप डिवोर्स का ट्रेंड काफी तेज से बढ़ रहा है। यह शब्द सुनने में नकरात्मक लगता है लेकिन ऐसा नहीं है। स्लीप डिवोर्स में कपल अपनी सेहत को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। इसका कानूनी प्रक्रिया से कोई लेना देना नहीं है। स्लीप डिवोर्स में कपल आपसी सहमति से अलग-अलग कमरों में सोने का फैसला लेते हैं। यह फैसला पार्टनर के खर्राटों, बार-बार करवट लेने, अलग-अलग स्लीप शेड्यूल की वजह से लेता है। नींद सेहत के लिए बहुत जरूरी है।

डॉक्टर्स के मुताबिक नींद की कमी की वजह से चिड़चिड़ापन बढ़ता है। साथ ही रिश्तों में तनाव बढ़ता है। दुनियाभर के कपल में स्लीप डिवोर्स का ट्रेंड बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 70% से ज्यादा भारतीय कपल्स स्लीप डिवोर्स को अपना रहे हैं।

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भारत में बढ़ा स्लीप डिवोर्स का ट्रेंड

ResMed’s 2025 Global Sleep Survey की रिपोर्ट के मुताबिक स्लीप डिवोर्स का ट्रेंड भारत में सबसे ज्यादा बढ़ा है। 78% भारतीय कपल इस कॉन्सेप्ट को अपना रहे हैं। इसके बाद चीन में 67% और दक्षिण कोरिया 65% का स्थान है। यह स्टडी 13 बाजारों में 30,000 से ज्यादा लोगों पर हुई। इस स्टडी में पाया गया कि यूके और यूएस में 50% कपल साथ में सोते हैं और 50% कपल अलग सोते हैं। अलग-अलग सोना लोगों को अजीब लग सकता है लेकिन कई लोगों का मानना है अच्छी नींद के लिए यह जरूरी कदम है। नींद में कमी का मुख्य कारण खर्राटे लेना, जोर से सांस लेना, बेचैनी, बेड पर ज्यादा देर फोन चलाना आदि शामिल है। जिन लोगों ने अलग-अलग सोने का फैसला किया उनकी नींद की क्वॉलिटी बेहतर हुई और सेक्स लाइफ भी बेहतर हुई। हालांकि विशेषज्ञों का सुझाव है कि एक साथ सोने के कई फायदे हैं। पार्टनर के साथ सोने से ऑक्सीटोसिन लव हार्मोन रिलीज होता है जिससे डिप्रेशन और स्ट्रेस का स्तर कम हो सकता है। साथ ही जीवन और रिश्ते में संतुष्टि रहती है।

नींद की कमी की वजह से खराब मूड, एकाग्रता में कमी, तनावपूर्ण रिश्ते और कार्यस्थल पर प्रदर्शन में कमी शामिल है। इसके अलावा एंग्जायटी और डिप्रेशन का जोखिम बढ़ता है जिससे मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है। नींद की कमी से गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। हर व्यक्ति को 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

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कपल्स क्यों अलग सोना पसंद करते हैं?

खर्राटे लेन और स्लीप डिसऑर्डर- खर्राटे, नींद नहीं आने की समस्या की वजह से कपल्स अलग कमरों में सोने का फैसला लेते हैं। उनकी वजह से पार्टनर की नींद भी खराब होती है।

अलग स्लीप शेड्यूल– भागदौड़ वाली जिंदगी की वजह से एक-दूसरे के साथ रूटीन मैच नहीं होता है। उदाहरण के लिए शिफ्ट शेड्यूल, रात में देर तक फोन चलााना, लेट से सोने की वजह से स्लीप साइकिल पर प्रभाव पड़ता है।

तापमान और वातावरण– कपल में अक्सर रूम के ऐसी का टेंपरेचर, लाइटनिंग की वजह से प्रभाव पड़ता है।

तनाव और लाइफस्टाइल फैक्टर- घंटों की शिफ्ट, माता-पिता की जिम्मेदारी और डिजिटल डिस्ट्रेक्शन की वजह से तनाव बढ़ता है। ये सभी चीजें नींद को प्रभावित करती हैं। इसी वजह से कपल्स अपनी मानसिक स्वास्थ्य को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।

धनु में चंद्रमा और शुक्र-राहु का असर, इन राशियों को मिल सकता है लाभ


आध्यात्मिक और मानसिक ऊर्जा से भरा हुआ आज का दिन रहने वाला है। ज्योतिष गणना के अनुसार, चंद्रमा आज धनु राशि में गोचर कर रहे हैं, जो हमें साहस और कुछ नया सीखने की प्रेरणा देता है। साथ ही, आज का मूलांक 4 है जिसका स्वामी राहु है। यह मेल जीवन में अचानक आने वाले सकारात्मक बदलावों और नई योजनाओं को सफल बनाने में मदद करेगा।

आज का दिन उन लोगों के लिए खास तौर पर फलदायी है जो किसी लंबी यात्रा की योजना बना रहे हैं या अपने करियर में कुछ नया एक्सपेरिमेंट करना चाहते हैं। राहु की रहस्यमयी ऊर्जा और धनु राशि का आशावाद मिलकर आज कई राशियों के लिए बंद रास्तों को खोलने वाला साबित होगा। बस जरूरत है सही दिशा में छोटे-छोटे प्रयास किया जाए।

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सभी राशियों का हाल

मेष राशि

आज किस्मत आपके दरवाजे पर है। नई शुरुआत करने के लिए इससे बेहतर दिन नहीं हो सकता।

क्या करें: नई प्लानिंग पर काम शुरू करें और परिवार के साथ अच्छा समय बिताएं।

क्या न करें: पैसों के मामले में जल्दबाजी न दिखाएं और बहस से दूर रहें।

वृषभ राशि

आर्थिक रूप से आज का दिन आपको मजबूती देने वाला है। कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

क्या करें: पुराने रिश्तों को समय दें और इंवेस्टमेंट के बारे में सोचें।

क्या न करें: गुस्सा आपकी बनी-बनाई बात बिगाड़ सकता है, इसलिए शांत रहें।

मिथुन राशि

करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं। मन प्रसन्न रहेगा।

क्या करें: नए बिजनेस आइडिया पर काम करें और लोगों से मेलजोल बढ़ाएं।

क्या न करें: छोटी-मोटी परेशानियों को दिमाग पर हावी न होने दें।

कर्क राशि

आज समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और धन लाभ की भी संभावना है।

क्या करें: घर के पेंडिंग काम निपटाएं और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।

क्या न करें: ज्यादा इमोशनल होकर कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें।

सिंह राशि

आत्मविश्वास से भरे रहेंगे और नेतृत्व करने का मौका मिलेगा।

क्या करें: अपनी क्रिएटिविटी का इस्तेमाल करें और बड़ी जिम्मेदारियां लें।

क्या न करें: घमंड को बीच में न आने दें और हेल्थ का ख्याल रखें।

कन्या राशि

अचानक से कोई बड़ा फायदा मिल सकता है। पढ़ने-लिखने वालों के लिए दिन अच्छा है।

क्या करें: किसी नई रिसर्च या पढ़ाई में मन लगाएं। यात्रा का प्लान बनाएं।

क्या न करें: अपनी सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

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तुला राशि

रिश्तों में प्यार बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

क्या करें: पार्टनर के साथ वक्त गुजारें और सही जगह पैसा निवेश करें।

क्या न करें: किसी से झूठा वादा न करें और कर्ज लेने से बचें।

वृश्चिक राशि

आज आप काफी एक्टिव महसूस करेंगे। साथ ही करियर में सफलता मिलेगी।

क्या करें: अपनी मेहनत जारी रखें और थोड़ा एक्सरसाइज जरूर करें।

क्या न करें: दूसरों की फालतू बातों पर ध्यान देकर अपना समय बर्बाद न करें।

धनु राशि

चंद्रमा आपकी ही राशि में है, इसलिए आज का दिन आपके लिए सबसे शानदार है।

क्या करें: कोई भी नया काम आज शुरू कर सकते हैं। पूजा-पाठ में मन लगाएं।

क्या न करें: ज्यादा उत्साह में आकर कोई लापरवाही न कर बैठें।

मकर राशि

आज आपको मानसिक शांति मिलेगी। रुके हुए काम पूरे होंगे।

क्या करें: पुराने अधूरे कामों को खत्म करें। अनुभवी लोगों से सलाह लें।

क्या न करें: अकेले कोई बड़ा निर्णय न लें, अपनों को साथ रखें।

कुंभ राशि

सामाज में आपकी पहचान बढ़ेगी और नए दोस्त बनेंगे।

क्या करें: मेल-जोल बढ़ाएं और नए संपर्क स्थापित करें।

क्या न करें: अपनी पर्सनल बातें किसी बाहरी से शेयर न करें।

मीन राशि

किस्मत का पूरा साथ मिलेगा और मन पूजा-पाठ की ओर झुकेगा।

क्या करें: दान-पुण्य करें और योग-ध्यान को समय दें।

क्या न करें: मन में नकारात्मक विचार न लाएं, पॉजीटिव बने रहें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।

कतर में सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश, 6 की मौत एक गायब, तकनीकी खराबी या कुछ और है वजह?


कतर में एक सैन्य हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है और एक शख्स का अभी तक पता नहीं चल पाया है। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि उसमें तकनीकी खराबी आने की वजह से क्रैश हुआ।

रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘कतर के एक हेलीकॉप्टर की रूटीन ड्यूटी के दौरान तकनीकी खराबी आई, जिससे वह देश के ही टेरिटोरियल वॉटर में गिर गया।’ हालांकि, अभी तक क्रैश के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

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बचाव कार्य जारी

कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि विशेष टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। ये टीमें देश के तटीय और सीमा सुरक्षा महानिदेशालय की समुद्री खोज-बचाव टीम और आंतरिक सुरक्षा बल (लेखविया) की कतर इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ मिलकर काम कर रही हैं। बचाव अभियान जारी है।

यह हादसा तब हुआ है जब मध्य-पूर्व में तनाव बहुत बढ़ गया है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए थे।

ईरान ने किए हमले

ईरान ने जवाब में इज़रायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही अमेरिकी सैन्य अड्डों और खाड़ी देशों (जैसे कतर, बहरीन, कुवैत, यूएई, जॉर्डन और सऊदी अरब) में उनके सहयोगी ठिकानों पर भी हमले किए। ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए बंद कर दिया है, जो दुनिया के लिए तेल की बहुत महत्वपूर्ण राह है।

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अभी तक कतर के इस हेलीकॉप्टर हादसे को क्षेत्रीय संघर्ष से जोड़कर नहीं बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी खराबी की वजह से हुआ। लेकिन पूरा इलाका तनाव से भरा हुआ है।

कब तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला? दिल्ली-यूपी समेत 11 राज्यो में बारिश का अलर्ट

देशभर में बारिश और तूफान ने लोगों की समस्याएं बढ़ा दी हैं। पिछले दो दिनों में बारिश से हल्की राहत जरूर मिली है लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान अब चिंता बढ़ा रहे हैं। मौसम विभाग ने एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। बारिश और बर्फबारी की वजह से लोगों के गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन लोगों के बीमार होने आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं। इसके साथ ही बेमौसम बारिश और ओले के साथ-साथ तेज हवाओं से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने आज यानी 24 मार्च को दिल्ली, यूपी, बिहार , राजस्थान समेत 11 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही कुछ राज्यों में ओले भी गिर सकते हैं।

राजधानी दिल्ली की बात करें तो दिल्ली में मौसम बिगड़ा हुआ है। आज से लेकर गुरुवार तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने दिल्ली के कई प्रमुख स्थानों पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली वालों को प्रदूषण से भी राहत मिल रही है।

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आज का मौसम

इन राज्यों में होगी बारिश

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज से 29 मार्च के बीच देश के 11 राज्यों में बारिश की संभावना है। दिल्ली, यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 26 से 28 मार्च के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवा चलेगी। 29 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही आंधी की संभावना भी जताई गई है।

यूपी-बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली से सटे यूपी में भी भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कल मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, सहारनपुर, शामली, हापुड़, बरेली, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ में बादलों के गजरने के साथ बरसने की भी चेतावनी दी है। इसके अलावा हवा भी 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बहने वाली है।

मौसम विभाग के अनुसार, 26 मार्च से 27 मार्च के बीच एक बार फिर से भारी बारिश-आंधी की चेतावनी है। 24 मार्च को बिहार के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। पश्चिम चंपराण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सिवान, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर और अरवल में बारिश होने की संभावना है।

हिमाचल-उत्तराखंड का मौसम

हिमाचल और उत्तराखंड उत्तर भारत के इन दोनों पहाड़ी राज्यों में मौसम की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में इस हफ्ते भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में भी 26 मार्च से तेज बारिश और आंधी का सिलसिला फिर से शुरू होने की संभावना जताई गई है। हिमाचल के जिन जिलों में बारिश की चेतावनी है उनमें शिमला, चंबा, लाहौल और स्पीति, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा शामिल हैं।

मौसम अलर्ट

दक्षिण भारत में गर्मी

उत्तर भारत में अभी भी बारिश के कारण मौसम ठंडा बना हुआ है तो वहीं दक्षिण भारत में अब तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 से 27 मार्च के दौरान उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में छिटपुट हल्की बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

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पूर्वात्तर में अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में आज बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश में 24 मार्च को, असम और मेघालय में 24 और 27 मार्च को छिटपुट से लेकर तेज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल में और सिक्किम में आज भारी बारिश और ओले गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।

कहर ढा रही गर्मी, स्किन केयर के लिए क्या-क्या करना चाहिए?


मार्च महीने के शुरुआती हफ्ते में ही गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। गर्मी का असर हमारी त्वचा पर सबसे ज्यादा पड़ता है। इस मौसम में अधिक पसीना आता है जिसकी वजह से चिपचिपाहट महसूस होती है। तेज धूप की वजह से त्वचा ड्राई और बेजान नजर आती है।

इस मौसम में कुछ लोगों को ड्राइनेस, सनबर्न और जलन की समस्या भी होती है। ऐसे मौसम में त्वचा का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। अगर आप इस मौसम में त्वचा को खूबसूरत और ग्लोइंग रखना चाहते हैं तो हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं।

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गर्मी में त्वचा का ऐसें रखें ख्याल

तेज धूप में निकलने से बचें

गर्मी के मौसम में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सूरज की किरणें सबसे ज्यादा नुकसानदायक होती है। इस समय बाहर निकलने से बचें। अगर आपको जरूरी काम है तो छाता, कैप और सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।

सीटीएम रूटीन

क्लीनिंग- गर्मियों में चेहरे पर धूल, पसीना और ऑयल जमा होता है इसलिए दिन में दो बार फेसवॉश यूज करना चाहिए। इससे त्वचा हाइड्रेटेड और निखरी नजर आती है।

टोनर- टोनर त्वचा के पोर्स को बंद करने का काम करता है। साथ ही एक्स्ट्रा ऑयल को खत्म करने में मदद करता है।

मॉश्चराइजर- गर्मियों में त्वचा को हाइड्रेटेड रखने के लिए ऑयल फ्री या जेल बेस्ड मॉश्चराइजर लगाएं।

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सनस्क्रीन जरूर लगाएं

गर्मी में सनस्क्रीन लगाकर जरूर निकलें। आपको बाहर निकलने से 15 से 20 पहले सनस्क्रीन लगाना है। इससे टैनिंग और स्किन डैमेज से बचाव हो सकता है।


सही कपड़े का चुनाव

गर्मी के मौसम में कपड़ों का खास रखना जरूरी है। इस मौसम में कॉटन के कपड़े पहनने चाहिए। कॉटन के कपड़े पसीने को सोखते हैं जिससे त्वचा पर रैशेज और जलन की समस्या होती है।

शरीर को हाइड्रेटेड रखें

गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड को रखने के लिए रखना बहुत जरूरी है। इस मौसम में नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन करें।

मेष से मीन तक, ग्रहों की बदल रही चाल, किस राशि की बदलेगी दशा? राशिफल पढ़ें


उन लोगों के लिए आज का दिन बेहद शानदार है जो अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं। अनुशासन के प्रतीक शनि और संवाद के कारक बुध की जुगलबंदी की वजह से आज आपके रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

आज के दिन उन लोगों के लिए बेहद खास रहने वाला है जो लोग बातचीत में थोड़े बेहतर होते हैं और अपनी बात लोगों को सामने अच्छे से रख पाते हैं। सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है, आइए जानते हैं-

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कैसा रहेगा आपकी राशि का हाल

मेष राशि

क्या करें: आज आपका लीडर बनकर काम करने का दिन है। नई प्लानिंग पर जोर दें। छोटी यात्रा आपके लिए बड़े फायदे के दरवाजे खोल सकती है।

क्या न करें: गुस्से में आकर कोई फैसला न लें। पुराने झगड़ों को फिर से न कुरेदें।

वृषभ राशि

क्या करें: कहीं भी निवेश को लेकर सोच-समझकर कदम उठाए और परिवार को समय दें। आज भाग्य आपके बैंक बैलेंस को मजबूत कर सकता है।

क्या न करें: हाथ खोलकर फिजूलखर्ची न करें। फिलहाल किसी को पैसा उधार देने से बचें।

मिथुन राशि

क्या करें: अपनी बातों से लोगों का दिल जीतें और नए लोगों से मेल-जोल बढ़ाएं। आज आपको अपनी क्रिएटिविटी के लिए कोई बड़ा इनाम मिल सकता है।

क्या न करें: सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें। ज्यादा सोचने में अपना समय खराब न करें।

कर्क राशि

क्या करें: घर की सजावट के साथ-साथ मरम्मत पर ध्यान दें। अपनी मां के साथ समय बिताएं। आज आपको मानसिक शांति और सुकून मिलेगा।

क्या न करें: बीती हुई कड़वी बातों को याद न करें। घर में किसी से बहस करने से बचें।

सिंह राशि

क्या करें: कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ें और ऑफिस में जिम्मेदारी संभालें। आज समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।

क्या न करें: अपने काम में घमंड न आने दें। दूसरों की भावनाओं का मजाक न उड़ाएं।

कन्या राशि

क्या करें: काम को बारीकी से चेक करें। अपनी सेहत का ख्याल रखें। आपकी एक छोटी सी सही प्लानिंग बड़ा मुनाफा दिला सकती है।

क्या न करें: सब कुछ परफेक्ट करने के चक्कर में काम को लटकाएं नहीं और दूसरों की बुराई करने से बचें।

तुला राशि

क्या करें: बिजनेस पार्टनर के साथ रिश्ते सुधारें और क्रिएटिव कामों में समय दें। आज आपको लाइफ में कुछ मजेदार मौके मिल सकते हैं।

क्या न करें: कंफ्यूजन में पड़कर अपना कीमती समय बर्बाद न करें और बेवजह की बहस से दूर रहें।

वृश्चिक राशि

क्या करें: अपने जरूरी प्रोजेक्ट्स को किसी को न बताएं और सोच-समझकर निवेश करें। आज आपकी सूझ-बूझ आपको सफलता दिलाएगी।

क्या न करें: बात-बात पर गुस्सा न करें और किसी का भरोसा तोड़ने वाली गलती न करें।

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धनु राशि

क्या करें: पढ़ाई या कहीं घूमने जाने का प्लान बनाएं और अच्छे कामों में हिस्सा लें। किस्मत आज आपको किसी नई और बेहतर दिशा की ओर ले जाएगी।

क्या न करें: बिना सोचे-समझे बड़ा रिस्क न लें और किसी से किया हुआ वादा न तोड़ें।

मकर राशि

क्या करें: अपने काम और करियर पर पूरा फोकस रखें। चंद्रमा आपकी ही राशि में है, इसलिए आपकी मेहनत का पूरा फल मिलने का समय आ गया है।

क्या न करें: खुद को अकेला न समझें। साथ ही काम के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।

कुंभ राशि

क्या करें: दोस्तों से मिलें और नए आइडियाज पर काम शुरू करें। आज लोगों से मेल-जोल बढ़ाना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा।

क्या न करें: नियमों को तोड़ने की कोशिश न करें और जिद्दी स्वभाव से बचें।

मीन राशि

क्या करें: पूजा-पाठ और दान-पुण्य में मन लगाएं। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर फैसले लें। आज आपको अचानक कहीं से धन का सुख मिल सकता है।

क्या न करें: मन में किसी भी तरह का भ्रम न पालें। किसी के साथ दिखावा या धोखा न करें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत जानकारी के लिए ज्योतिषि से संपर्क करें।