मिहींपुरवा नगर पंचायत में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इन दिनों लोग घरों की छतों पर जाने, सुबह टहलने और गलियों में अकेले निकलने से भी कतरा रहे हैं। बंदरों के हमलों से कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें बुजुर्ग भी शामिल हैं। इस संबंध में उपजिलाधिकारी को शिकायत भी सौंपी गई है। हाल ही में हुई घटनाओं में गुरुद्वारा कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय माया देवी को बंदरों ने दौड़ा लिया, जिससे वह गिर गईं और उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। उनका इलाज जारी है। इसी तरह, संतोष लाइनमैन की पत्नी को भी बंदरों ने दौड़ाया, जिससे उनके पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हो गया। पांडे पूर्व अवनीश त्रिपाठी की माता को बंदर ने काट लिया, जबकि पूर्व मंडी निरीक्षक सुदामा सिंह और अधिवक्ता संजय वर्मा को भी मॉर्निंग वॉक के दौरान बंदरों ने दौड़ाया। अध्यापक फौजदार वर्मा की पत्नी भी बंदर के काटने से घायल हुई हैं। ऐसी दर्जनों घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बंदरों के बढ़ते आतंक के कारण नगरवासी सुबह टहलने तक नहीं निकल पा रहे हैं। गुरुद्वारा कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार ने संपूर्ण समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपते हुए बताया कि नगर में बंदरों का आतंक चरम पर है, जिससे बुजुर्ग, बच्चे और अन्य लोग काफी परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि इन बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाए। नगरवासियों का कहना है कि नगर पंचायत के अधिकारियों को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए। लोगों को बंदरों के हमलों से सुरक्षित करने के साथ-साथ छुट्टा जानवरों को भी गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) रंग बहादुर ने बताया कि बंदरों को पकड़ने वाली टीम से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाएगा। साथ ही, छुट्टा जानवरों को गौशाला तक पहुंचाने के लिए भी कर्मचारियों को लगाया जाएगा।
मिहींपुरवा में बंदरों का आतंक:कई लोग घायल, नगर पंचायत ईओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया
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