काठमांडू। नेपाल पुलिस के साइबर ब्यूरो ने आज बिजली विभाग के ई-बिडिंग सॉफ्टवेयर को हैक कर टेंडर हथियाने के आरोप में पूर्व शहरी विकासमंत्री विक्रम पाण्डे सहित २२ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
काठमांडू के जिला सरकारी वकील कार्यालय के अनुसार, इनमें 13 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। नौ अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपितों में पूर्वमंत्री पाण्डे भी शामिल हैं।
पाण्डे व अन्य का आज से काठमांडू जिला अदालत में बयान दर्ज किया जाएगा। बयान दर्ज होने के बाद न्यायिक हिरासत पर बहस शुरू होगी। पुलिस का दावा है कि आरोपितों ने बिटकॉइन जैसी मुद्रा का कारोबार भी किया गया।
आरोप पत्र में मांग की गई है कि संगठित तरीके से बिटक्वॉइन मुद्रा के कारोबार में संलग्न रहने के आरोप में भी आरोपितों को सजा दी जाए। पाण्डे चितवन के भरतपुर के रहने वाले हैं। वह राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) से सांसद रहे हैं। उनकी कालिका कंस्ट्रक्शन निर्माण कम्पनी भी है।
जांच के निष्कर्ष के अनुसार आरोपितों ने अनधिकृत पहुंच बनाकर आर्थिक प्रस्ताव से जुड़े दस्तावेजों में फेरबदल किया। एक आरोपित दिवाकर देउजा के पॉलीग्राफ परीक्षण समेत विभिन्न प्रमाणों के आधार पर पाण्डे की संलिप्तता की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
अभियोग पत्र में दावा किया गया है कि इस कार्य के बदले क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से रकम का लेनदेन भी हुआ। इससे राज्य को भी नुकसान पहुंचा।












